जौनपुर।संवेदना से ही वेदना की पीड़ा को समझा जा सकता है: डॉ. रसिकेश
संवेदना से ही वेदना की पीड़ा को समझा जा सकता है: डॉ. रसिकेश
"परिवार, मित्र और समाज की आत्महत्या रोकथाम में भूमिका" विषयक परिचर्चा का आयोजन
जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में विश्व आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के अंतर्गत एक सार्थक और विचारोत्तेजक पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। इसका विषय था – “परिवार, मित्र और समाज की आत्महत्या रोकथाम में भूमिका।”
इस अवसर पर वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य, युवा वर्ग में बढ़ती निराशा, सोशल मीडिया के प्रभाव और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की।
एचआरडी विभागाध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने कहा कि वर्तमान समय में युवा आभासी दुनिया में इतना उलझ गया है कि वह वास्तविक जीवन और संबंधों से कटता जा रहा है। यह सामाजिक अलगाव नकारात्मकता और आत्मघाती प्रवृत्ति को जन्म देता है। उन्होंने सुझाव दिया कि व्यक्ति को...









