भदोही।भरत-मिलाप की कथा सुनकर छलक पड़े आंसू , चार-दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ समापन।
भरत-मिलाप की कथा सुनकर छलक पड़े आंसू , चार-दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ समापन।
बुधवार को होगा विशाल भंडारा , भक्तिमय हुआ माहौल
शरद बिंद/भदोही।दुर्गागंज। अभोली ब्लाक के मतेथू गांव में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर चल रहे चार-दिवसीय श्रीराम कथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथावाचक पंडित रमाकांत महाराज ने भरत-मिलाप प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक के द्वारा वर्णन किया
कथावाचक पंडित रमाकांत महाराज जी ने कहा कि अयोध्या से श्री राम के 14 वर्ष वनवास यात्रा के बारे में भरत के मामा घर से आने के बाद सीधे माता के कैकई और राम भैया को ढूंढते हुए उनके कक्ष में जाते हैं। उन्हें इसका आभास तक नहीं होने दिया कि उनके प्राण प्रिय भैया और भाभी 14 वर्ष के बनवास को अयोध्या से निकल गए। जानकारी होते ही वे रोते बिलखते और कैकई माता को कोसते हुए कहते हैं पुत्र कुपुत्र हो सकता है मगर माता कुमाता नहीं होती। इस बात ...









