विकास योजनाओं की समीक्षा में मण्डलायुक्त सख्त, लंबित कार्यों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
फार्मर आईडी जनरेशन में लखनऊ मण्डल राज्य से 2.55 प्रतिशत अंक आगे, गोवंश सहभागिता योजना के लंबित भुगतानों के निस्तारण पर जोर
लखनऊ। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गुरुवार को लखनऊ मण्डल के विकास कार्यक्रमों की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर एवं उन्नाव में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। जनपदों की प्रगति की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले क्षेत्रों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मण्डलायुक्त ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचना चाहिए। केवल वित्तीय व्यय के बजाय योजनाओं की वास्तविक भौतिक प्रगति और आमजन को मिल रहे लाभ को भी आधार बनाया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
अन्त्येष्टि स्थल निर्माण में 92.86 प्रतिशत प्रगति
अन्त्येष्टि स्थल निर्माण योजना के तहत मण्डल में 112 लक्ष्यों के सापेक्ष 104 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। यह 92.86 प्रतिशत भौतिक प्रगति है। लखीमपुर खीरी और हरदोई में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण हैं। रायबरेली में 95, सीतापुर में 91.30, लखनऊ में 90.91 और उन्नाव में 77.78 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। मण्डलायुक्त ने शेष कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डिजिटल लाइब्रेरी में 97.80 प्रतिशत फर्नीचर आपूर्ति
डिजिटल लाइब्रेरी योजना में 1,093 ग्राम पंचायतों के लक्ष्य के सापेक्ष 1,069 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर की आपूर्ति पूरी हो चुकी है। अन्य प्रकाशनों की पुस्तकों की आपूर्ति सभी 1,093 ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो गई है। मण्डलायुक्त ने लंबित फर्नीचर आपूर्ति और भुगतान संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने को कहा।
जन सेवा केन्द्रों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मण्डल की 6,553 ग्राम पंचायतों में से 4,535 में जन सेवा केन्द्रों के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं, जबकि 2,018 ग्राम पंचायतों में अभी शून्य सेवा दर्ज है। मण्डल की औसत प्रगति 69.20 प्रतिशत रही। हरदोई 80.43 प्रतिशत के साथ सबसे आगे और लखनऊ 44.81 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। कम प्रगति वाले जनपदों को विशेष अभियान चलाकर शून्य सेवा वाली ग्राम पंचायतों में सेवाएं शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
मण्डल में 6,553 पंचायत सहायक पदों के सापेक्ष 6,450 पंचायत सहायक कार्यरत हैं। केवल 103 पद रिक्त हैं। मण्डलायुक्त ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
6,570 ऑडिट प्रकरण लंबित, पुराने मामलों पर सख्ती
वर्ष 2010-11 से 2023-24 तक मण्डल में 8,162 ऑडिट प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 1,592 का निस्तारण हो चुका है, जबकि 6,570 प्रकरण अभी लंबित हैं। मण्डलायुक्त ने लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुराने ऑडिट प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने तथा अधिकारियों को व्यक्तिगत अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फार्मर आईडी में राज्य से आगे लखनऊ मण्डल
मण्डल में निर्धारित 36,46,652 किसानों के लक्ष्य के सापेक्ष 32,34,744 फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी हैं। मण्डल की उपलब्धि 88.70 प्रतिशत है, जो राज्य की 86.15 प्रतिशत उपलब्धि से 2.55 प्रतिशत अंक अधिक है। सीतापुर 94.23 प्रतिशत के साथ प्रथम, जबकि उन्नाव 85.65 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे रहा। मण्डलायुक्त ने शेष किसानों का पंजीकरण जल्द पूरा कराने और लंबित अनुमोदनों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उर्वरक उपलब्धता की स्थिति संतोषजनक
मण्डल के सभी छह जनपदों में सहकारी क्षेत्र की उर्वरक बिक्री समितियों में तीन दिन से अधिक अवधि तक उर्वरक-विहीन समितियों की संख्या शून्य दर्ज की गई। मण्डलायुक्त ने आगामी कृषि आवश्यकताओं को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
सूर्य घर योजना में 42.46 प्रतिशत प्रगति
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में मण्डल के लिए 1,50,838 के लक्ष्य के सापेक्ष 64,041 की उपलब्धि दर्ज हुई है। समग्र प्रगति 42.46 प्रतिशत रही। हरदोई 66.06 प्रतिशत के साथ आगे रहा। मण्डलायुक्त ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
गोवंश सहभागिता योजना के 4,258 भुगतान लंबित
मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना में मण्डल के 18,643 लाभार्थियों में से 14,385 को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 4,258 लाभार्थियों का भुगतान लंबित है। मण्डलायुक्त ने जनपदवार सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
अशक्त गोवंश के लिए मण्डल में 1,084 आइसोलेशन कक्ष अपेक्षित हैं, जिनमें 1,026 निर्मित हो चुके हैं। शेष 58 कक्ष रायबरेली में हैं। मण्डलायुक्त ने रायबरेली में इन सभी 58 कक्षों का निर्माण प्राथमिकता पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
पोषण अभियान की भी समीक्षा
पोषण अभियान के तहत अप्रैल 2026 में चिन्हित 7,056 सैम बच्चों में से पिछले तीन महीनों में 3,874 बच्चे मैम श्रेणी में आए हैं। मण्डल स्तर पर यह 54.90 प्रतिशत है। मण्डलायुक्त ने आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए।
सड़क और सेतु निर्माण में गुणवत्ता पर जोर
मुख्य मार्गों के अनुरक्षण के 48 स्वीकृत कार्यों में से 29 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वित्तीय प्रगति लगभग 99 प्रतिशत और भौतिक प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई। सेतु निर्माण के 43 कार्यों में वित्तीय प्रगति लगभग 96 प्रतिशत और भौतिक प्रगति करीब 90 प्रतिशत रही। मण्डलायुक्त ने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने विभागीय स्तर पर लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर प्रत्येक मामले के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने को कहा। भूमि, बजट, तकनीकी स्वीकृति, एनओसी अथवा अन्य किसी समस्या के कारण लंबित कार्यों का विभागीय समन्वय से तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज प्रगति और धरातलीय स्थिति में समानता सुनिश्चित करते हुए सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
























