लखनऊ में 12 सितंबर से सजेगा साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ, 20 सितंबर तक होंगे साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
लखनऊ। राजधानी लखनऊ एक बार फिर साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के बड़े उत्सव का साक्षी बनने जा रही है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), भारत की ओर से पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का आयोजन 12 से 20 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में किया जाएगा। नौ दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें 121 प्रकाशक हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे।
महोत्सव को लेकर शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के एपी सेन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक और लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. रोली मिश्रा ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। प्रो. रोली मिश्रा ने कहा कि एनबीटी के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में इतने बड़े आयोजन का होना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पठन-पाठन की संस्कृति को मजबूत करना और ‘पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ’ तथा ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है।
एनबीटी निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण इस बात का प्रमाण है कि यह एक लोकप्रिय और स्थापित वार्षिक आयोजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और अच्छे नागरिक तैयार करने का महत्वपूर्ण साधन हैं। महोत्सव में बच्चों और युवाओं के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां एवं प्रतियोगिताएं होंगी तथा प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
250 पुस्तक स्टॉल, 121 प्रकाशक होंगे शामिल
महोत्सव में साहित्य, संस्कृति और तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिष्ठित लेखकों, विशेषज्ञों और रचनाकारों के साथ संवाद आयोजित होंगे। महिला अस्मिता, युवा साहित्य, सतत विकास, अनुवाद, विरासत एवं लोककथाएं, अंतरिक्ष एवं विज्ञान, आध्यात्मिकता तथा समकालीन पत्रकारिता जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
इन कार्यक्रमों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी।
बच्चों के लिए रहेगा विशेष ‘बाल मंडप’
महोत्सव में बच्चों के लिए विशेष ‘बाल मंडप’ आकर्षण का केंद्र रहेगा। यहां कठपुतली नाटक, कहानी वाचन, कमिशिबाई, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस, क्ले आर्ट, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर, कविता-पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बच्चों का विशेष संवाद भी होगा।
कथक से मुशायरे तक सांस्कृतिक रंग
हर शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रम होंगे। पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक, बिरजू महाराज कथक संस्थान की नृत्य-नाटिका ‘रघुवंशम्’, सुगम संगीत, मुशायरा, लोक प्रस्तुतियां, भारतेन्दु नाट्य अकादमी का नाटक और बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई सत्र महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।
वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में पुस्तकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी प्रमाणित नहीं होती, इसलिए सही और विश्वसनीय ज्ञान के लिए पुस्तकों का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचने की अपील की।
12 सितंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, एनबीटी-इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश के. अवस्थी, एसीएस बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सेन शर्मा सहित अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे।
महोत्सव के दौरान आगंतुकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय से भी परिचित कराया जाएगा, जहां विभिन्न भाषाओं और विधाओं की 7,000 से अधिक ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं। आयोजकों ने पाठकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और साहित्यप्रेमियों से इस साहित्यिक महाकुंभ में शामिल होने की अपील की है।
























