Sunday, February 15

आई-पैक विवाद पर सियासी टकराव तेज: ममता सड़कों पर उतरीं, कोलकाता में ईडी के खिलाफ एफआईआर; विपक्षी दलों से मिला समर्थन

आई-पैक विवाद पर सियासी टकराव तेज: ममता सड़कों पर उतरीं, कोलकाता में ईडी के खिलाफ एफआईआर; विपक्षी दलों से मिला समर्थन

नई दिल्ली, डेस्क। कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने जहां सड़कों पर उतरकर ईडी के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। वहीं, उनकी शिकायत पर राज्य पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव को और तीखा कर दिया है। अब इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीति पर साफ दिखने लगा है।

कोलकाता में ममता के नेतृत्व में मार्च, भाजपा पर तीखा हमला

आई-पैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इसमें पार्टी के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी हुई। ममता ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक प्रतिशोध के तहत केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

मार्च के दौरान बांग्ला संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने ‘अमी बांग्ला गान गाई’ गाया, महिलाओं ने शंख बजाए और पूरा विरोध मार्च एक तरह के राजनीतिक जनउत्सव में तब्दील नजर आया। बांग्ला फिल्म और टीवी जगत के कई चर्चित चेहरे,अभिनेता और सांसद देव तथा सोहम चक्रवर्ती भी मार्च में मौजूद रहे।

ईडी के खिलाफ एफआईआर, हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

ममता बनर्जी की शिकायत पर कोलकाता के शेक्सपियर सरानी थाना और बिधाननगर के इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स थाना में अज्ञात ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आपराधिक धमकी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने ईडी के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए भी एक मामला दर्ज किया है।

टीएमसी ने इस कार्रवाई के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग और प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि ईडी ने आगामी चुनावों से जुड़े संवेदनशील और गोपनीय राजनीतिक दस्तावेज जब्त किए हैं।

वहीं, ईडी का कहना है कि छापेमारी करोड़ों रुपये के कथित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच का हिस्सा थी। एजेंसी ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस पर जांच में बाधा डालने तथा महत्वपूर्ण सबूत हटाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में अलग याचिका दायर कर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है।

महबूबा मुफ्ती का समर्थन, ममता को बताया ‘शेरनी’

इस विवाद पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी ममता बनर्जी के समर्थन में सामने आईं। उन्होंने ममता को “शेरनी” बताते हुए कहा कि वह बहुत बहादुर हैं और झुकेंगी नहीं।

मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस तरह की छापेमारी आम हो चुकी है, लेकिन अब पूरा देश इसका अनुभव कर रहा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद नेताओं की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए कहा कि उस वक्त अधिकांश राजनीतिक दल चुप थे, लेकिन अब वही स्थिति देश के अन्य हिस्सों में दिखाई दे रही है।

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