जनमुद्दों को लेकर भाकपा ने साधा केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना
कर्ज, महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार को लेकर नेताओं ने उठाई आवाज
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने बुधवार को सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड मुख्यालय पर जनमुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज, महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
भाकपा के राज्य परिषद सदस्य का० अमर कुमार पप्पू और जिला कार्यकारिणी सदस्य का० उमेश चौधरी ने कहा कि देश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों का भारी कर्ज ‘हेयरकट’ के नाम पर माफ किया जा रहा है, जबकि गरीब और जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
बिहार की राजनीति पर चर्चा करते हुए नेताओं ने कहा कि भाजपा जनादेश की अनदेखी कर सत्ता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक छल-प्रपंच और विश्वासघात के आधार पर सरकार बनाने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय समस्याओं पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि सलखुआ प्रखंड व अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। जमीन के दाखिल-खारिज में अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बिना चढ़ावा गरीबों का कोई काम नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
नेताओं ने मांग की कि जिन भूमिहीन परिवारों के पास पर्चा है उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाया जाए तथा सभी भूमिहीनों को बासगीत का पर्चा देकर बसाया जाए।
भाकपा नेता का० राजकुमार चौधरी ने आरोप लगाया कि जनवितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन में भी गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि लाभुकों को 5 किलो के बजाय मात्र 4 किलो अनाज दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता टुनटुन चौधरी ने की। मौके पर ओमप्रकाश नारायण (राष्ट्रीय परिषद सदस्य भाकपा), का० अमर कुमार पप्पू (सहायक जिला सचिव), का० उमेश चौधरी, प्रशांत कुमार (छात्र नेता), रमेश यादव, का० अरुण यादव, रामशरण यादव, संतोला देवी, रमनी देवी, चुनचुन देवी, कामोगिया देवी, रबीता देवी, रामचंद्र सादा, राजकुमार राम, गरीबलाल चौधरी, घनश्याम महतो, शंकर सादा, अमरजीत महतो, दिनेश महतो, अक्लू यादव, सुलेखा देवी, लालन महतो, सत्यनारायण पोदार, दामोदर सादा, उमाशंकर सादा, अजित यादव और प्रियंका कुमारी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
























