
शिव की कृपा से अशुद्ध विचारों का होता है नाश: शिवशिष्य भाई परमेश्वर
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
शिव की दया से मनुष्य के भीतर व्याप्त अशुद्ध और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। सच्ची शिव भक्ति से मन निर्मल होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उक्त बातें धर्माचार्यों ने गुरुवार को सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर ब्लॉक चौक के समीप आयोजित एक दिवसीय शिव परिचर्चा के दौरान कही।
परिचर्चा को संबोधित करते हुए शिवशिष्य भाई परमेश्वर ने कहा कि भगवान शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि सृजन, पालन और कल्याण के भी प्रतीक हैं। शिव को सृष्टि का आधार माना गया है। उनकी आराधना और ध्यान से मानव जीवन में करुणा, संयम और सद्भाव का विकास होता है। शिव भक्ति से मन की नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में शांति व संतुलन स्थापित होता है।
प्रवचन के दौरान बताया गया कि मनुष्य के कर्म ही उसके जीवन की दिशा तय करते हैं। अच्छे कर्म और शिव भक्ति से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के हैं और सच्चे मन से की गई पूजा से वे शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं।
कार्यक्रम में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, उनके महत्व तथा जीवन में उनके आदर्शों को अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही श्रद्धालुओं को सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और शिव भक्ति में लीन होकर प्रवचन का श्रवण किया। कार्यक्रम में मधेपुरा से आए नरेश यादव, राजकुमार, प्रणव कुमार, जटेश्वर राय सहित आयोजक अनिल मल्लिक, छोटू मल्लिक, बबलू चौधरी, सुशील चौधरी, मनोज कुमार, शिवशंकर, संजय, नरेश, दीपनारायण, किरण, रजनी, त्रिफुल, गुड़िया समेत सिमरी बख्तियारपुर शिवशिष्य परिवार के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
























