बरेली मंडल में एसआईआर के बाद वोटरों की बड़ी छंटनी, चार जिलों में 22 लाख से ज्यादा नाम कटे
बरेली। 54 दिनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद बरेली मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। मंडल भर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने से चुनावी समीकरणों पर असर की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बरेली मंडल में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाए गए हैं। चारों जिलों को मिलाकर 22 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार नाम कटने के मुख्य कारण मृतक, लापता, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अन्य प्रशासनिक वजहें हैं।
बरेली में 21% वोटर कटे
बरेली जिले में एसआईआर ड्राफ्ट सूची में करीब 21 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटने का दावा सामने आया है। पहले जिले में 34 लाख 5 हजार 64 मतदाता पंजीकृत थे, जो अब घटकर 26 लाख 91 हजार 67 रह गए हैं। इनमें 14 लाख 82 हजार 546 पुरुष, 12 लाख 8 हजार 468 महिला और 53 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
यहां 7 लाख 16 हजार 509 नाम कटे हैं। इनमें 1.15 लाख मृतक, 2.37 लाख लापता, 2.92 लाख स्थानांतरित, करीब 60 हजार डुप्लीकेट और 12 हजार अन्य कारणों से हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा असर बरेली शहर विधानसभा (1.65 लाख) और बरेली कैंट (1.34 लाख) में देखा गया है।
बदायूं में करीब 5 लाख नाम हटे
बदायूं जनपद में एसआईआर के बाद कुल 4 लाख 93 हजार मतदाताओं के नाम कटे हैं। पहले जिले में 24 लाख 18 हजार 408 मतदाता थे, जो अब घटकर 19 लाख 25 हजार 413 रह गए हैं।
सबसे ज्यादा कटौती दातागंज विधानसभा (91,635) में हुई, जबकि बदायूं (89,593), बिसौली (85,440), सहसवान (77,350), शेखूपुर (76,437) और बिल्सी (72,540) में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।
शाहजहांपुर में सात लाख से ज्यादा वोटर कम
शाहजहांपुर जिले में एसआईआर के बाद 5 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। एसआईआर से पहले यहां 23 लाख से अधिक मतदाता थे, जो अब घटकर 16 लाख 40 हजार 892 रह गए हैं।
हटाए गए नामों में 96,544 मृतक, 1,56,787 लापता और 1,95,209 स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं। सबसे ज्यादा 1 लाख 27 हजार से अधिक नाम नगर विधानसभा क्षेत्र से कटे हैं, जो वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का क्षेत्र है। इससे यहां के चुनावी समीकरणों पर असर की आशंका जताई जा रही है।
पीलीभीत में करीब दो लाख नाम कटेंगे
पीलीभीत जिले में 54 दिनों तक चले एसआईआर अभियान के बाद 1 लाख 99 हजार 782 मतदाताओं के नाम काटे जाने तय हैं। इसके अलावा 67,555 मतदाताओं को वर्ष 2003 की सूची से मिलान न होने पर नोटिस जारी किए जाएंगे।
जिले में 14 लाख 67 हजार 988 मतदाता दर्ज थे, जिनमें से 12 लाख 68 हजार 211 का डिजिटाइजेशन किया गया। एसआईआर के दौरान 37,094 मतदाता मृत और 52,882 लापता पाए गए।
राजनीतिक हलकों में चिंता
मंडल भर में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने से राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं में चिंता बढ़ गई है। कई क्षेत्रों से आशंका जताई जा रही है कि कहीं पात्र मतदाताओं के नाम गलती से तो नहीं हट गए। इस पर निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रारूप सूची है और दावा-आपत्ति के दौरान सभी को नाम जुड़वाने और सुधार का पूरा मौका मिलेगा।
























