Tuesday, February 17

बलिया

बलिया।राष्ट्रीय रचनात्मक भारत पुरस्कार से सम्मानित हुए सुधीर सक्सेना 

उत्तर प्रदेश, बलिया
राष्ट्रीय रचनात्मक भारत पुरस्कार से सम्मानित हुए सुधीर सक्सेना  आचार्य ओमप्रकाश वर्मा नगरा(बलिया)।नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में नगरा क्षेत्र के लहसनी निवासी किक बॉक्सर खिलाड़ी सुधीर सक्सेना को राष्ट्रीय रचनात्मक भारत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस समारोह में भारत के प्रसिद्ध हेलमेटमैन राघवेंद्र कुमार, मयंक मधुर उपस्थित थे।राष्ट्रीय रचनात्मक भारत पुरस्कार भारत के रचनात्मक परिदृश्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। सुधीर सक्सेना की यह उपलब्धि उनकी नवोन्मेषी भावना और अपने शिल्प के प्रति समर्पण का प्रमाण है।सुधीर की सफलता पर विधायक उमाशंकर सिंह, पूर्व प्रमुख निर्भय प्रकाश, अनिल सिंह, कृष्ण कुमार कुशवाहा, डा. समरजीत बहादुर सिंह, आलोक शुक्ला ने प्रसन्नता व्यक्ति की है....

बलिया।केवट प्रसंग, शूर्पणखा प्रकरण और सीता हरण का मंचन

उत्तर प्रदेश, बलिया
केवट प्रसंग, शूर्पणखा प्रकरण और सीता हरण का मंचन नगरा के रामलीला में सातवें दिन हजारों दर्शकों ने लीला का उठाया लुत्फ  आचार्य ओमप्रकाश वर्मा नगरा(बलिय)। सार्वजनिक रामलीला समिति नगर के तत्वावधान में जनता इंटर कॉलेज के प्रांगण में चल रही रामलीला के सातवें दिन सोमवार की रात विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। इनमें भगवान श्रीराम और केवट प्रसंग, शूर्पणखा प्रसंग तथा सीता हरण का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कथा के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी को नदी पार करनी थी। इस पर नाविक केवट ने भगवान श्रीराम के चरण धोने की शर्त रखी। केवट ने कहा कि भगवान के चरणों की धूल से पत्थर तक जीवन पा जाते हैं। चरणामृत पाकर उसका परिवार धन्य हो जाएगा। मंचन में दिखाया गया कि केवट ने चरण धोकर अपने परिजनों को वह अमृत पिलाया और भगवान के चरणों का स्पर्श कर जीवन का परम सुख पाया। भगवान श्र...

बलिया।साधारण हवन और चण्डी पाठ के हवन में गहरा अंतर : शतमंगल अग्नि से होता है सौ प्रकार का कल्याण 

उत्तर प्रदेश, धर्म, बलिया
साधारण हवन और चण्डी पाठ के हवन में गहरा अंतर : शतमंगल अग्नि से होता है सौ प्रकार का कल्याण   संजीव सिंह बलिया। उज्जैन समरसता प्रमुख मौनतीर्थ पीठ महाकालेश्वर, डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने साधारण हवन और चण्डी पाठ की पूर्ति के बाद होने वाले हवन के बीच के महत्वपूर्ण अंतर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह अंतर समझकर जो साधक हवन करता है, वही उत्तम और स्थायी फल पाता है। चण्डी पाठ में विशेष रूप से शतमंगल अग्नि की स्थापना होती है, जिनकी विशेषता है सौ प्रकार से कल्याण प्रदान करना। जिस प्रकार शताक्षी देवी अपनी दृष्टि से भक्तों का कल्याण करती हैं, उसी प्रकार शतमंगल अग्निदेव देवी की आज्ञा से आरोग्य, आयु, ऐश्वर्य, शत्रुनाश, रोग नाश और भय नाश करते हैं। साधारण बनाम चण्डी हवन के मंत्र और आहुतिडॉ. विद्या सागर उपाध्याय बताते हैं कि साधारण हवन और देवी हवन में मंत्र, आचमन और आहुति की पद्धति अलग होती है।साधारण हवन ...

बलिया।शांभवी धाम कसेसर में श्रीमद्भागवत कथाभारत की सांस्कृतिक धारा समुद्र की तरंगों जैसी – वागीश जी महाराज

उत्तर प्रदेश, बलिया
शांभवी धाम कसेसर में श्रीमद्भागवत कथाभारत की सांस्कृतिक धारा समुद्र की तरंगों जैसी – वागीश जी महाराज  संजीव सिंह बलिया। शांभवी धाम कसेसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास वागीश जी महाराज ने अपने अमृत वचनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा समुद्र की तरंगों के समान अनादि और अनंत है। जैसे तरंगों में उत्थान और पतन आता है, वैसे ही विश्व के सबसे प्राचीन राष्ट्र भारतवर्ष ने भी कभी विश्व गुरु का गौरव पाया तो कभी दासता में भी जकड़ा रहा, किंतु प्रभु की प्रेरणा से भारत ने सदैव आस्था और अध्यात्म से मुक्ति का मार्ग पाया है।उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और चौसठ कलाओं से सम्पन्न भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा ली है। आज समय की आवश्यकता है कि बच्चों को कार्टून पात्र ‘डोरेमॉन’ और ‘पेपा पिग’ की बजाय भगवान श्रीकृष्ण क...

बलिया।आत्मज्ञान के लिए तर्क नहीं, श्रद्धा और गुरु कृपा आवश्यक: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय 

उत्तर प्रदेश, बलिया
आत्मज्ञान के लिए तर्क नहीं, श्रद्धा और गुरु कृपा आवश्यक: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय   संजीव सिंह बलिया।कठोपनिषद् के आधार पर सत्य के मार्ग को किया स्पष्टउज्जैन/बैंगलोर, [तारीख/दिन]। मूर्तीनाथ पीठ महाकालेश्वर, उज्जैन के समरसता प्रमुख एवं शंकराचार्य परिषद, बैंगलोर के राष्ट्रीय पार्षद डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने हाल ही में अपने एक महत्त्वपूर्ण वक्तव्य में आत्मज्ञान की साधना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मा के साक्षात्कार का मार्ग केवल बुद्धि और तर्क से होकर नहीं जाता। इसके लिए गुरु की कृपा, सच्ची श्रद्धा और अनुशासित धैर्य सबसे अधिक आवश्यक तत्व हैं।डॉ. उपाध्याय ने प्राचीन भारतीय दर्शन और उपनिषद् पर विशेष बल देते हुए 'कठोपनिषद्' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान ऐसा शाश्वत सत्य है जिसे केवल वाद-विवाद या तर्कशास्त्र के माध्यम से प्राप्त नहीं किया जा सकता। कठोपनिषद् के मंत्र 'नैषा तर्केण...'...

बलिया।नवरात्रि पर पंडालों में मां दुर्गा की पट खुलते ही गूंजे जयकारे

उत्तर प्रदेश, बलिया
नवरात्रि पर पंडालों में मां दुर्गा की पट खुलते ही गूंजे जयकारे  आचार्य ओमप्रकाश वर्मा  नगरा (बलिया) शारदीय नवरात्रि की सातवीं तिथि पर क्षेत्र के बाजारों में स्थापित पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के पट खोले गए। जैसे ही माता रानी के पट खुले, पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। चारों ओर “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मंदिरों और पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तजन मां दुर्गा के दर्शन कर पुष्प, फल और नारियल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। जगह-जगह भक्ति गीतों और आरती की स्वर लहरियों से माहौल धार्मिक हो गया। बाजारों में सजे आकर्षक पंडालों की खूबसूरती लोगों को अपनी ओर खींच रही है। फूलों, झालरों और रोशनी से सजे इन पंडालों में माता दुर्गा के साथ महिषासुर व अन्य देवी-देवताओं की भव्य झांकियां देखने को मिल रही हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि नवरात्रि का ...

बलिया।छात्राओं को पढ़ाया गया सुरक्षा का पाठ।

उत्तर प्रदेश, बलिया
छात्राओं को पढ़ाया गया सुरक्षा का पाठ। नगरा (बलिया)। मिशन शक्ति के तहत कंपोजिट विद्यालय अब्दुलपुर मदारी में शनिवार को महिला सशक्तीकरण एवं महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान के दौरान मिशन शक्ति 5.0 के तहत बच्चों को सुरक्षा का पाठ पढ़ाया, बल्कि महत्वपूर्ण बिदुओं पर जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया गया। वही बच्चों ने कई सवाल दागे जिसके संबंध में थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को समझना होगा। किसी भी स्थिति में आप कमजोर नहीं हैं। सबसे बड़ा मामला सायबर क्राइम का आ रहा है। किसी भी अंजान नंबर से फोन आने उसके झांसे में न आय। खुद छोटी-छोटी बातों को लेकर सतर्क रहें और घर-परिवार की महिलाओं को भी जागरूक करें। किसी प्रकार की घटना होती है तो वह बर्दाश्त न करें, बल्कि इसका पुरजोर विरोध करें। जिससे अपराध पर अंकुश लग सके। स्कूल में पढ़ने वाली बहुत सारी छात्राएं भी ...

बलिया।रामलीला में हुआ मंथरा–कैकई संवाद का मंचन।

उत्तर प्रदेश, बलिया
रामलीला में हुआ मंथरा–कैकई संवाद का मंचन। आचार्य ओमप्रकाश वर्मा  नगरा (बलिया)। सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वाधान में चल रही रामलीला में रविवार की रात मंथरा और कैकई संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कथा के अनुसार, मंथरा कैकई को समझाती है कि राजा दशरथ राम को युवराज बनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे भरत का अधिकार छिन जाएगा। मंथरा के उकसावे से कैकई क्रोधित हो उठती है और अपने दो वरदान मांगने का निश्चय करती है। कैकई, राजा दशरथ से पहले वरदान के रूप में भरत को अयोध्या का राजा बनाने और दूसरे वरदान में श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने की मांग रखती है। राजा दशरथ अपनी प्रतिज्ञा से बंधकर कैकई की मांग पूरी करने को विवश हो जाते हैं। इस मार्मिक प्रसंग के मंचन से पूरा वातावरण भावुक हो उठा। दर्शकों की आंखें नम हो गईं और पूरे मैदान में गहन सन्नाटा छा गया। कार्यक्रम में उपस्थित सेवकों को समिति की ओर से...

बलिया।शांभवी धाम कसेसर में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजे श्रीकृष्ण अवतरण के प्रसंग ।

उत्तर प्रदेश, बलिया
शांभवी धाम कसेसर में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजे श्रीकृष्ण अवतरण के प्रसंग ।  संजीव सिंह बलिया।शांभवी धाम कसेसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन वृंदावन से पधारे अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास मारुतिनंदनाचार्य वागीश जी महाराज ने अपने दिव्य प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन वैदिक धर्म में गृहस्थ आश्रम कभी निन्दनीय नहीं रहा, अपितु ऋषि - परम्परा ने ही गृहस्थ जीवन के माध्यम से सृष्टि परम्परा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने चारों आश्रमों — ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास — का क्रमशः और सम्यक पालन हर सनातनी का कर्तव्य बताया और उदाहरण स्वरूप कहा कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने इन चारों आश्रमों से होकर ही वैकुंठ को प्रस्थान किया।रत्नगर्भा है माता वसुन्धरा, अवतरित होती हैं दिव्य आत्माएंवागीश जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता वसुन्धरा कभी बांझ नहीं रही हैं...

बलिया।शिक्षक स्वयं के अनुभव और अनुभवात्मक ज्ञान को उपलब्ध संसाधनों से जोड़ सकेंगे: एकीकृत प्रशिक्षण के आठवें बैच का डाइट पर हुआ समापन

उत्तर प्रदेश, बलिया
शिक्षक स्वयं के अनुभव और अनुभवात्मक ज्ञान को उपलब्ध संसाधनों से जोड़ सकेंगे: एकीकृत प्रशिक्षण के आठवें बैच का डाइट पर हुआ समापन  संजीव सिंह बलिया।सामाजिक परिवर्तन और विकास एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षा की निर्णायक भूमिका होती है। शिक्षा न केवल व्यक्ति को प्रगति की दिशा देती है बल्कि समाज के सर्वांगीण उत्थान का आधार भी है। इसी उद्देश्य के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बलिया में एकीकृत प्रशिक्षण के आठवें बैच का सफल समापन किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को अपने अनुभव और अनुभवात्मक ज्ञान को उपलब्ध संसाधनों से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए शिक्षण को रोचक एवं आनंददायक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।बच्चों के सीखने को बनाया जाए अनुभवात्मकराष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप, इस प्रशिक्षण में गतिविधि-आधारित शिक्षण, खोज और अन्वेषण पर आधारित शिक्षा की वकालत की...