शांति व सौहार्द के साथ मनाई गई होली, सिमरी बख्तियारपुर में जमकर उड़े अबीर-गुलाल
सुबह से बच्चों-युवाओं की टोलियों ने मचाया धमाल, शाम में एक-दूसरे को दी बधाइयां
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में बुधवार को रंगों का महापर्व होली पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर और गांवों का माहौल उत्सवमय रहा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी होली के सतरंगी रंगों में सराबोर नजर आए। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण पूरे अनुमंडल क्षेत्र में त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
पिचकारियों से बच्चों ने किया वार, युवाओं ने उड़ाए गुलाल
बुधवार की सुबह होते ही शहर के विभिन्न मोहल्लों और गलियों में बच्चों की टोलियां निकल पड़ीं। हाथों में रंग-बिरंगी पिचकारियां और रंग-गुलाल लिए बच्चों ने एक-दूसरे पर रंग डालकर जमकर मस्ती की। दोपहर तक युवा वर्ग भी पूरी तरह होली के रंग में रंग गया। युवाओं और युवतियों की टोलियों ने डीजे और पारंपरिक होली गीतों की धुन पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशियां बांटी।
शाम को चला मिलन का दौर, बाजारों में रही रौनक
शाम ढलते ही रंगों की मस्ती के बाद लोगों ने स्नान कर साफ कपड़े पहने और एक-दूसरे के घर पहुंचकर अबीर-गुलाल से सूखी होली खेली। छोटे-बड़ों ने बड़ों के पैर पर गुलाल रखकर आशीर्वाद लिया, वहीं दोस्तों और परिचितों को गले लगाकर होली की बधाई दी।
घरों में बने मालपुए, दही-बड़े और अन्य पारंपरिक पकवानों का लोगों ने परिवार व मित्रों के साथ लुत्फ उठाया। उधर शहर के बाजारों में भी दिनभर चहल-पहल बनी रही। मिठाई की दुकानों और रंग-गुलाल की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही।
चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर
होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। हुड़दंगियों पर नजर रखने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। एसडीएम आलोक राय, एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, सर्किल इंस्पेक्टर मो. सुजाउद्दीन तथा बख्तियारपुर थानाध्यक्ष अमरनाथ कुमार दल-बल के साथ सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में गश्त करते नजर आए। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आम लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।
प्रशासन की सक्रियता और लोगों के सहयोग का ही परिणाम रहा कि पूरे क्षेत्र में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और रंगों का यह पर्व आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ संपन्न हो गया।
























