
सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की मुलाकात, मध्य विद्यालय गौरी पिपरा भवन की उठी मांग
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
खगड़िया सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार से मुलाकात कर विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विस्तृत आवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सलखुआ प्रखंड के मध्य विद्यालय गौरी पिपरा एवं उच्च विद्यालय मैदान सिमरी बख्तियारपुर से संबंधित भूमि मापी, भवन निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था की मांग प्रमुखता से रखी।
आवेदन में बताया गया कि मध्य विद्यालय गौरी पिपरा वर्ष 2014 में कोसी नदी के कटाव की चपेट में आकर पूरी तरह नदी में विलीन हो गया था। इसके बाद से विद्यालय का संचालन दूसरे स्थान पर अस्थायी व्यवस्था में किया जा रहा है। इससे लगभग 370 छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर विद्यालय आना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि विद्यालय के लिए अंचल प्रशासन द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसका खाता और खेसरा भी निर्धारित है। इसी भूमि पर विधायक निधि से दो कमरों का निर्माण कराया गया है, लेकिन विद्यालय के सुचारु संचालन के लिए कम से कम आठ कमरों का पक्का भवन, मध्यान्ह भोजन के लिए अलग कक्ष तथा छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विद्यालय संचालन और बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
वहीं, दूसरे आवेदन में उच्च विद्यालय सिमरी बख्तियारपुर की भूमि से जुड़ी समस्या उठाई गई। बताया गया कि विद्यालय की जमीन की अब तक विधिवत मापी नहीं होने और बाउंड्री वॉल के अभाव में आसपास के लोगों द्वारा लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे विद्यालय का क्षेत्रफल घटता जा रहा है। मैदान की कमी के कारण छात्रों की खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांग की कि उच्च विद्यालय की भूमि की शीघ्र मापी कराकर अतिक्रमण हटाया जाए और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाए। साथ ही मध्य विद्यालय गौरी पिपरा में शीघ्र भवन व आवश्यक संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
मौके पर सलखुआ प्रखंड प्रमुख सरिता संगम, उटेसरा पंचायत के मुखिया अनिल कुमार उर्फ अनिल महंत, उमेश चौधरी, सुभलेश कुमार, विपिन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग उपस्थित थे। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
























