Sunday, February 15

बलिया।नगरा में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन एकता का दिया गया संदेश

नगरा में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन, सनातन एकता का दिया गया संदेश

अमर बहादुर सिंह 

नगरा (बलिया)। शनिवार को रुद्राक्ष मैरिज हाल, नगरा में नगरा मंडल का भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति, नगरा द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों सनातन धर्मावलंबियों ने सहभागिता की।

सम्मेलन में मंचासीन प्रमुख संतों व अतिथियों में संत चरण श्री मान मूरत दास जी, कार्यक्रम के अध्यक्ष जय गुरुदेव संस्था के अनुयायी श्री छोटेलाल जी, मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (गोरक्ष प्रांत) के आदरणीय प्रांत प्रचारक श्रीमान रमेश जी तथा मातृशक्ति के रूप में श्रीमती शोभा मिश्रा जी (प्रवक्ता महाविद्यालय) प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता श्रीमान रमेश जी द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात उन्होंने अपने सारगर्भित और ओजस्वी संबोधन में सनातन परंपरा, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य वक्ता ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने अनेकों यातनाएँ सहने के बावजूद सनातन परंपरा का त्याग नहीं किया, यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। हम सभी हिंदू हैं और सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक हैं। उन्होंने कहा कि घर-घर सद्भाव, परस्पर सहयोग और पारिवारिक संस्कारों को बनाए रखना प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है।

हिंदुत्व जागरण के संदर्भ में उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज देश में राजनीति भी हिंदू चेतना के प्रभाव को स्वीकार करने लगी है। यह हिंदू समाज के संगठित होने का परिणाम है। यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिंदुत्व की वैचारिक धारा और सामाजिक समरसता का कार्य न किया होता, तो इतिहास में विदेशी आक्रांताओं को सफलता नहीं मिली होती। आज हिंदू समाज संगठित हो रहा है, जिससे भविष्य में कोई भी राष्ट्रविरोधी ताकत सफल नहीं हो सकेगी।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विषय में उन्होंने कहा कि यदि हिंदू समाज अपनी शक्ति को पहचाने, अपने इतिहास से प्रेरणा लेकर संगठित हो जाए, तो वहां के हिंदू भी सुरक्षित होंगे।

मातृशक्ति को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि माँ भुवनेश्वरी देवी न होतीं तो स्वामी विवेकानंद न होते, माँ कौशल्या न होतीं तो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम न होते। उन्होंने माताओं-बहनों से आह्वान किया कि आवश्यकता पड़ने पर दुर्गा और चण्डी का रूप धारण कर हिंदू समाज के संगठन में आगे आना होगा।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से विभाग प्रचारक श्रीमान अंबेश जी, जिला कार्यवाह श्रीमान सतीश जी भाईसाहब, सह जिला कार्यवाह वेद प्रकाश जी, जिला प्रचारक श्रीमान अनुपम जी भाईसाहब, द्विविभाग धर्म जागरण प्रमुख श्रीमान नवीन जी भाईसाहब, खण्ड संघचालक माननीय बजरंग बली जी, उमाशंकर जी, लल्लन सिंह, लालबहादुर जी, रजनीश जी, पवन जी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री राजीव सिंह चंदेल जी, सचिव श्री समरजीत बहादुर सिंह जी तथा संचालन खण्ड कार्यवाह बृजेश जी भाईसाहब द्वारा किया गया। सम्मेलन का समापन सनातन एकता, संगठन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ हुआ।

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