Sunday, February 15

भदोही।जेहि विधि होई नाथ हित मोरा करो सुबेग के दास मोहि तोरा। बोले राजन जी महाराज 

भदोही।जेहि विधि होई नाथ हित मोरा करो सुबेग के दास मोहि तोरा। बोले राजन जी महाराज 

प्रेम से कई गुना ऊपर वाला प्रेम का नाम है रति।

शरद बिंद/भदोही।अभोली। अभोली ब्लॉक के श्री मठिया महावीर हनुमान मंदिर श्रीपुर द्वारा आयोजित श्री राम कथा गड़ौरा मेला की बारी में कथा के आठवें दिन प्रख्यात श्री राम कथा वाचक राजन जी महाराज ने कहा कि तीर्थ राज के पास चार चीजें है धर्म,अर्थ, काम, मोक्ष, और संशय में पड़ गए कि भरत को क्या देंगे ? परन्तु भरत को यह सब कुछ चाहिए ही नहीं उन्होंने कहा कि जब जब जन्म लू भैया राम के चरणों में मेरी रति बढ़ती जाए । ऐसा मानना है कि तीर्थराज जो मांगा जाए तो पूरा होता है। जब कोई प्रेम करे तभी प्रेम किया जाए यह प्रेम नहीं है अगर वह व्यक्ति आपको बुरा भला कहे तब पर भी आप उससे प्रेम करें तब इस इसे कहेंगे।राम भरत मिलन का विस्तार से बताया कि राम मुस्कुराते हुए कहते हैं ठहर जाओ।

अनुज भरत को आने तो दो। भरत राम के चरणों में गिरकर क्षमा याचना करने लगते हैं। फिर राम गले से लगाते हैं। भरत मिलाप के बाद तीनों माताओं का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेते हैं और माता सीता भी अपनी तीनों सास के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेती हैं। उसके बाद भरत पिता के बारे में राम से कहते हैं कि अब हमारे बीच पिता श्री नहीं रहे यह शब्द सुनकर श्री राम और सीता लक्ष्मण व्याकुल हो शोकाकुल रहने के बाद राम को अपने साथ ले जाने के लिए भरत मिन्नतें करते हैं। मंत्री सुमंत और प्रजा गण बार-बार उन्हें अपने साथ जाने के लिए मनाते हैं। मगर श्री राम कहते हैं कि पिता के दिए हुए वचन का मर्यादा नहीं टूटे। इसके लिए हमें यहां रहने की अनुमति दें। रघुकुल रीति सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई। यह कहकर लेने आए सभी लोगों को चुप करा देते हैं मगर भरत मानने के लिए तैयार नहीं होते हैं। तब राम ने कहा प्रजा हित के लिए तुम्हें जाओ, अयोध्या के प्रजा जनों को देखना है। साथ में माताओं का भी दायित्व निर्वाह करना है। भरत ने श्री राम के चरण पादुका को अपने सर पर उठाकर आंखों में अश्रु के साथ वहां से विदा होते हैं। 14 वर्ष तक श्री राम के चरण पादुका को अयोध्या के राज सिंहासन पर रखकर खुद जमीन पर चटाई बिछाकर सन्यासी का जीवन व्यतीत करते हुए राजपाट संभालते हैं। कथा के दौरान बड़े ही उदास और व्याकुल मनसे श्री राम सीताराम का भजन कीर्तन करते हुए महा आरती के साथ प्रसंग समाप्त किया गया। कथा को लेकर आसपास में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। कथा में सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए दुर्गागंज थाना अध्यक्ष कमल टावरी मय फोर्स मेला क्षेत्र का भ्रमण करते नजर आए। इस मौके पर विनय मिश्रा दिनेश पांडे, प्रकाश सिंह ,अर्पित सिंह, संतोष सिंह, देवेंद्र सिंह ,ऋतुराज सिंह ,रजनीश सिंह, संतोष शुक्ला, सुमन लता मिश्रा,प्रशांत तिवारी, ऋषभ सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

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