सेवा संकल्प अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर, लंबित पेंशन मामलों के 30 सितंबर तक निस्तारण के निर्देश
मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत ने विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा की
लखनऊ। मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयुक्त सभागार में लखनऊ मण्डल के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा ‘सेवा संकल्प अभियान’ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लखनऊ, हरदोई, खीरी, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव के जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान की जनपदवार प्रगति की समीक्षा की गई। मण्डल में अब तक 34 रक्तदान शिविरों में 533 लोगों ने रक्तदान किया, जबकि 5,775 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 1,460 लाभार्थियों को टूलकिट वितरित किए जाने की जानकारी दी गई। मण्डलायुक्त ने अभियान की गतिविधियों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनीटरिंग और पोर्टल पर समय से सूचना अपलोड करने के निर्देश दिए।
30 सितंबर तक पेंशन प्रकरणों का निस्तारण
समाज कल्याण, महिला एवं बाल कल्याण तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने लंबित पेंशन प्रकरणों का 30 सितंबर 2026 तक शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय से मिले और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
अधूरी परियोजनाओं में तेजी के निर्देश
विभिन्न निर्माण एवं अवस्थापना परियोजनाओं की समीक्षा में लंबे समय से लंबित कार्यों पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विलंबित परियोजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
बैठक में पंचायत उत्सव भवनों की प्रगति भी देखी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत मण्डल में 112 में से 108 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 1,093 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर और पुस्तकों की आपूर्ति पूरी होने की जानकारी दी गई।
पेयजल योजनाओं की भी हुई समीक्षा
जल निगम (ग्रामीण) की योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि मण्डल के 30,92,483 लक्षित परिवारों में से 26,97,446 परिवारों को जलापूर्ति से आच्छादित किया जा चुका है। यह प्रगति 87.23 प्रतिशत है। मण्डलायुक्त ने लक्षित परिवारों तक नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अक्टूबर के अंत तक गड्ढामुक्त होंगी चिन्हित सड़कें
सड़क मरम्मत और गड्ढामुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों को अक्टूबर माह के अंत तक सभी चिन्हित लंबित कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन कराने पर भी जोर दिया।
पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण पर जोर
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान धारा 34 और 35 के तहत एक वर्ष से तीन वर्ष अथवा उससे अधिक समय से लंबित वादों को प्राथमिकता से चिन्हित कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारियों से पुराने मामलों की नियमित समीक्षा और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा गया।
आईजीआरएस शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
आईजीआरएस की शिकायतों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। शिकायत के मूल बिंदु की जांच कर तथ्यपरक एवं संतोषजनक समाधान किया जाए। निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित करने तथा असंतुष्ट फीडबैक वाली शिकायतों का पुनः परीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
गोशालाओं की निगरानी के निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा में लम्पी स्किन डिजीज से बचाव के लिए टीकाकरण, गोशालाओं के प्रबंधन और निराश्रित गोवंश के संरक्षण की स्थिति देखी गई। मण्डलायुक्त ने ब्लॉक एवं उपजिलाधिकारी स्तर पर गोशालाओं की नियमित निगरानी, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छता और बीमार एवं कमजोर गोवंश की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फायरिंग रेंज के लिए भूमि चयन प्राथमिकता पर
भारतीय सेना के प्रस्तावित फायरिंग रेंज के लिए करीब 250 से 300 एकड़ भूमि की उपलब्धता और चयन पर भी चर्चा हुई। मण्डलायुक्त ने सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों को संभावित भूमि का परीक्षण कर उपयुक्त स्थल का चयन प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित मानकों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग की किसान संबंधी योजनाओं, फेर्मर रजिस्ट्री, उर्वरक उपलब्धता, महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को विभागवार प्रगति लगातार अपडेट रखने और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
























