UP सरकार के स्कूलों में अब हर महीने होगी समीक्षा; BEO-प्रधानाध्यापक बैठक में पढ़ाई, नामांकन और डिजिटल साधनों की होगी जांच
संजीव सिंह बलिया। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की निगरानी को और सख्त बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब हर महीने के चौथे शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) स्कूल प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करेंगे और पढ़ाई, नामांकन, उपस्थिति, डिजिटल साधनों व सरकारी योजनाओं के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करेंगे।
बैठक का उद्देश्य और समय
यह मासिक समीक्षा बैठक हर महीने के चौथे शनिवार को आयोजित की जाएगी।
इसमें खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और स्कूल प्रधानाध्यापक मुख्य रूप से शामिल होंगे।
उद्देश्य: पढ़ाई की गुणवत्ता, बच्चों की सीखने की स्थिति, नामांकन-उपस्थिति, डिजिटल साधनों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच करना।
समीक्षा में किन-किन बिंदुओं पर होगी जांच
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की जाएगी:
निपुण भारत मिशन: पढ़ाई की प्रगति और बच्चों की सीखने की स्थिति।
मासिक पाठ्यक्रम व शैक्षिक कैलेंडर: निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति।
कक्षा में डिजिटल सामग्री: संदर्शिका, टीएलएम (Teaching Learning Material) का उपयोग।
अतिरिक्त कक्षाएं: पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए चल रही विशेष पढ़ाई।
पुस्तकालय: किताबों का उपयोग और उपलब्धता।
प्रारंभिक शिक्षा: प्री-प्राइमरी, आंगनबाड़ी और बालवाटिका की स्थिति; 3–6 साल के बच्चों का नामांकन व उपस्थिति।
स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब: डिजिटल पुस्तकालय और तकनीकी साधनों का प्रयोग।
डिजिटल रजिस्टर: यू-डायस+, अपार आईडी और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का अपडेट।
स्कूल चलो अभियान: स्कूल से बाहर बच्चों को वापस लाने और नामांकन की स्थिति।
पीएम पोषण: भोजन, फल और दूध वितरण की व्यवस्था।
ऑपरेशन कायाकल्प: निर्माण कार्य, स्कूल परिसर में अतिक्रमण हटाना।
बालिका शिक्षा: बालिका शौचालय, विशेष जरूरत वाले बच्चों की सुविधाएं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की व्यवस्था।
खेल गतिविधियां: प्रेरणा पोर्टल पर तस्वीरें अपलोड होने की स्थिति।
विशेष जरूरत वाले बच्चे: उनकी पहचान और जांच।
पर्यावरण अभियान: इको क्लब, ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों की प्रगति।
वित्तीय स्थिति: समग्र शिक्षा, पीएम श्री और पीएम पोषण के तहत खर्च की स्थिति।
























