एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण योजना शुरू, ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
लखनऊ के पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े उद्यमियों को मिलेगा अनुदान, 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान
लखनऊ।पी के श्रीवास्तव
उपायुक्त उद्योग एवं जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, लखनऊ के उपायुक्त अभिजीत गौतम ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद एक व्यंजन (ODOD) वित्त पोषण योजना” संचालित की गई है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद लखनऊ के लिए रेवड़ी, आम उत्पाद, चाट एवं मलाई मक्खन को चयनित किया गया है। इन व्यंजनों से जुड़े नए उद्यमों तथा अपने व्यवसाय का विस्तार करने वाले उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी msme.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पात्रता की प्रमुख शर्तें
आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष हो।
किसी शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है।
भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य रोजगार योजना में पूर्व में अनुदान प्राप्त न किया हो।
आवेदक अथवा उसके परिवार के केवल एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा।
पात्रता संबंधी शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन श्रेणी के आवेदकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
वित्तीय सहायता
योजना के तहत परियोजना लागत के आधार पर अनुदान दिया जाएगा—
25 लाख रुपये तक की परियोजना: परियोजना लागत का 25% या अधिकतम 6.25 लाख रुपये।
25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजना: परियोजना लागत का 20% (न्यूनतम 6.25 लाख रुपये)।
50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजना: परियोजना लागत का 10% (न्यूनतम 10 लाख रुपये)।
1.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना: परियोजना लागत का 10% या अधिकतम 50 लाख रुपये, जो भी कम हो।
उपायुक्त उद्योग ने पारंपरिक खाद्य व्यवसाय से जुड़े इच्छुक उद्यमियों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
























