सहरसा, सुसम हत्याकांड: 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, पिता के आवेदन पर केस दर्ज
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपरिया गांव के बहियार में रविवार दोपहर 20 वर्षीय सुसम कुमारी की गर्दन में गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के मामले में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद अब तक पुलिस न तो किसी अपराधी की पहचान कर सकी है और न ही हत्या के कारणों का स्पष्ट सुराग मिल पाया है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पिता के आवेदन पर अज्ञात के खिलाफ केस…….
मृतका के पिता धीरेन्द्र यादव के लिखित आवेदन पर पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। पिता ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे सुसम बहियार में घास लाने गई थी। दोपहर करीब 3 बजे उन्हें सूचना मिली कि बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उन्होंने कहा कि गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है और फिलहाल उन्हें किसी पर संदेह भी नहीं है। पिता ने पुलिस से जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की है।
टूटी शादी का एंगल भी जांच के दायरे में……
पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी सुसम की शादी तीन वर्ष पहले सोनवर्षा राज प्रखंड के सौहा गांव निवासी छोटेलाल के पुत्र से हुई थी, लेकिन यह रिश्ता अधिक दिन नहीं चल सका।
सुसम के ससुर छोटेलाल ने बताया कि कुछ समय पहले वे विदाई कराने आए थे, लेकिन लड़की पक्ष ने उसे भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद शादी में दी गई मोटरसाइकिल वापस ले ली गई और दोनों पक्षों में मौखिक सहमति से अलग होने की बात तय हो गई थी। उनके अनुसार, इसके बाद से दोनों परिवारों का आपस में कोई संपर्क नहीं था।
वहीं मृतका की मां शांति देवी ने बताया कि इसी साल जनवरी में ससुराल वाले विदाई कराने आए थे और कुछ दिन पहले भी फोन कर बहू को भेजने की बात कही थी। मां का आरोप है कि दामाद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और उसका स्वभाव सनकी है। इसी वजह से उन्होंने बेटी को ससुराल भेजने से मना कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट से कोई कानूनी तलाक नहीं हुआ था, सिर्फ दोनों पक्षों में मौखिक रूप से अलग रहने की बात तय हुई थी।
पहली बार घास लाने गई थी सुसम….
मां ने बताया कि रविवार को वह खेत में आलू उखाड़ने गई थीं। इसी दौरान सुसम ने घास लाने जाने की जिद की, जबकि वह पहले कभी घास लाने नहीं गई थी। जिद के आगे मां ने उसे जाने दिया। सुसम की दो छोटी बहनें भी घास लाने निकली थीं, लेकिन वे दूसरे रास्ते से चली गईं। कुछ देर बाद रिश्तेदार की महिलाओं ने खेत में सुसम का खून से लथपथ शव देखकर सूचना दी।
मोबाइल से सीख रही थी सिलाई
परिजनों के अनुसार सुसम घर पर ही रहती थी। हाल ही में उसने एक मोबाइल फोन लिया था, जिसमें मां ने सिम खरीदकर दिया था। उसी मोबाइल के माध्यम से वह घर बैठे सिलाई मशीन चलाना सीख रही थी।
जांच पर उठ रहे सवाल…….
दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुसम का किसी से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में हत्या किसने और क्यों की, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस गांव के आपसी विवाद और ससुराल पक्ष के साथ चल रही तनातनी समेत कई एंगल से जांच की बात कह रही है, लेकिन 24 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। इस बाबत सलखुआ थानाध्यक्ष संजना कुमारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
























