300 वर्ष पुराने बाबा राज राजेश्वर धाम में उमड़ा जनसैलाब, भव्य बारात और विवाह से गूंजा शाहीडीह
राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार)
महा शिवरात्रि के पावन अवसर पर शाहीडीह स्थित 300 वर्ष से अधिक प्राचीन बाबा राज राजेश्वर स्थान सहरसा जिले के नवहट्टा नगर पंचायत में आस्था का विराट संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। दूर-दराज से आए भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।
मंदिर कमिटी के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बाबा राज राजेश्वर नाथ की महिमा अपरंपार है। जो भी सच्चे मन से बाबा के दरबार में आता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि यह स्थान क्षेत्र का सिद्ध पीठ माना जाता है, जहां वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था बनी हुई है।
हल्दी-मेहंदी से हुआ दिव्य श्रृंगार…….
महा शिवरात्रि के अवसर पर बाबा का विशेष श्रृंगार हल्दी, मेहंदी, दही, घी और भांग से श्रद्धाभाव के साथ किया गया। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बाबा की भव्य बारात निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखनाद और भक्ति गीतों के बीच सैकड़ों श्रद्धालु उत्साहपूर्वक बारात में शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा का विवाह समारोह ऐतिहासिक और भव्य तरीके से संपन्न हुआ, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम…………….
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बारात मार्ग और मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती रही। आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर थाना प्रभारी, वार्ड पार्षद, मंदिर कमिटी के सदस्य और पुजारीगण मौजूद रहे। मंदिर कमिटी और ग्रामीणों के सहयोग से साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की समुचित व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
भक्ति, अनुशासन और सामाजिक समरसता का यह अद्भुत दृश्य महा शिवरात्रि पर्व को शाहीडीह में अविस्मरणीय बना गया।
























