
पश्चिमी यूपी के जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट, किसानों को चेतावनी
कानपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल,बरेली और बदायूं समेत आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस पूर्वानुमान में कानपुर और मध्य यूपी के जिले शामिल नहीं हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन जिलों में अचानक मौसम बदल सकता है। तेज रफ्तार हवाओं के साथ आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों, पशुपालकों और आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
किसानों के लिए खास चेतावनी
सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि इस समय रबी फसलें जैसे गेहूं, सरसों, चना और मसूर पकने की अवस्था में हैं। ऐसे में ओलावृष्टि और तेज हवाएं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल रबी की खड़ी फसलों में सिंचाई, कीटनाशी और रोगनाशी दवाओं का छिड़काव स्थगित रखें, क्योंकि बारिश और ओलों के चलते दवाओं का असर खत्म हो सकता है और फसल को अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, वे मौसम साफ रहने पर ही कटाई कराएं और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। खुले में रखी गई फसल को तिरपाल या पॉलीथिन से ढकना जरूरी है, ताकि बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान न हो।
पशुपालकों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। पशुओं को खुले स्थानों पर बांधने से बचने को कहा गया है, क्योंकि तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रहता है। पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें और उनके चारे को भी गीला होने से बचाएं। आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे पशुओं को न बांधने की विशेष हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद पश्चिमी यूपी के कई जिलों में जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित ओलावृष्टि और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति, यातायात और ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया है।
कई जिलों में अधिकारियों ने ग्राम स्तर पर लेखपालों और कृषि विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें। अगर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होता है, तो उसका त्वरित सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
आम लोगों के लिए सावधानी
मौसम विभाग ने आम नागरिकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे मकानों से दूर रहने को कहा गया है। तेज आंधी के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम में अचानक बदलाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में किसानों को मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और कृषि विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
























