Monday, February 16

सहरसा (बिहार)।सिमरी बख्तियारपुर में हजरत मोहम्मद साहब का जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाया गया।

सिमरी बख्तियारपुर में हजरत मोहम्मद साहब का जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाया गया।

राकेश कुमार यादव, सहरसा (बिहार) 

हजरत मोहम्मद साहब का जश्ने ईद मिलादुन्नबी शुक्रवार को सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर डियोढ़ी स्थित स्टेट मैदान पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रसूल की आमद मरहबा व नूर वाला आया, नूर बरसाया के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।अनुमंडल के सरबेला, अशरफचक, अफजलपुर, बनमा ईंटहरी, हाथमंडल, जमालनगर, शहुरिया, लालपुर, अम्माडीह, चिकनी, भादा, हुसैनचक, पहलम, सीटनाबाद, चाकभरो, खजुराहा और लक्ष्मणियां समेत कई गांवों से निकला जुलूस स्टेट मैदान पहुंचकर जलसे में तब्दील हो गया।दारुल उलूम गौशिया कादरिया अनवारूल उलूम सरबेला के तत्वावधान में आयोजित जलसा की अध्यक्षता मुफ्ती अब्दुल कुद्दूस साहब ने की। सैयद सुल्तान अशरफ की कियादत में हुए कार्यक्रम में मौलाना कमर अहमद अशरफी ने कहा कि जब हजरत मोहम्मद साहब तशरीफ लाए, तब दुनिया जहालत के अंधेरे में डूबी थी। उन्होंने इंसानियत को राह दिखाई और अमन व भाईचारे का पैगाम दिया। मौलाना ने कहा कि मोहम्मद साहब सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए रहमत बनकर आए।

उन्होंने समाज की मौजूदा चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोबाइल और टीवी चैनल नौजवानों को गुमराह कर रहे हैं, जिस पर परिवारों को ध्यान देना चाहिए। जलसे की शुरुआत मौलाना मुमताज और मौलाना अफाक ने केउड़ान शरीफ से की। संचालन अब्दुल्ला गफूर ने किया।

अशरफ अली और अकबर अली ने कहा कि पैगंबर साहब ने समाज को बुराइयों से निकालकर औरतों को इज्जत दिलाई और इंसानियत को नया रास्ता दिया। जलसे में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी गई।

मौके पर जिला परिषद प्रतिनिधि मारूफ आलम, नगर परिषद प्रतिनिधि हसन आलम, पूर्व मुखिया मोहम्मद सलाम, गुड्डू आलम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीओ आलोक राय, एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, पुलिस इंस्पेक्टर शुजाउद्दीन, थानाध्यक्ष अमरनाथ कुमार, बनवा थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी सहित पुलिस बल लगातार निगरानी में जुटे रहे।

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