
रक्तदान के प्रेरणास्रोत: अनूप बिंद
शरद बिंद/भदोही
ज्ञानपुर।ज्ञानपुर ब्लाक के नथई पुर निवासीअनूप कुमार बिंद न केवल भारतीय रेल में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी हैं, बल्कि एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। अपने व्यस्त कार्य जीवन के बावजूद, उन्होंने समाज सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रखा है। अनूप अब तक 29 बार रक्तदान कर चुके हैं — और वह भी ज़रूरतमंद, अनजान लोगों के लिए।
उनकी समाजसेवा यहीं तक सीमित नहीं है। अनूप ने 1000 से अधिक लोगों को उनके जीवन का पहला रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया है। उनके निरंतर प्रयासों से कई युवा अब नियमित रक्तदाता बन चुके हैं, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में अनगिनत जानें बचाई जा सकी हैं।
अनूप विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता और फ्री मेडिकल कैंप जैसे कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। वे मानते हैं कि “रक्तदान केवल एक सेवा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे सरल और पवित्र माध्यम है।”
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर, अनूप बिंद जैसे लोगों को सलाम, जो निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा कर रहे हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
























