
माह जनवरी में हुए ट्रक लूट कांड के एक अन्य आरोपी को किया गिरफ्तार बेचे गए माल के 15 लाख बरामद।
बदायूं / विगत जनवरी माह में रात्रि के समय हुई ट्रक लूट कांड का एक अन्य आरोपी पुलिस के हाथ लग गया जिसके पास से बेचे गए माल के 15 लाख रुपए भी बरामद हुए है उपरोक्त घटना 22 / 23 जनवरी की रात्रि में जनपद के थाना मुजरिया क्षेत्र में हुई थी ।
पुलिस ने बताया कि 17 जनवरी को ड्राइवर सरबजीत सिंह पुत्र सन्तोख सिंह निवासी गली नं0 15 कस्बा व थाना स्वरुप नगर दिल्ली, नेपाल से कृष्णा रिफाइनरी वीरगंज से रिफाइन्ड ऑयल ट्रक में लोड कराकर दिल्ली के लिये चला था । 22/23 जनवरी की रात्रि में ट्रक चालक उपरोक्त ट्रक लेकर दातागंज के रास्ते बदायूं की तरफ जा रहा था। दातागंज के पास एक सफेद कार ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया तथा ट्रक चालक उपरोक्त को उतारकर जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठाकर कुछ नशीला पदार्थ पिला कर बेहोश कर दिया तथा बेहाशी हालत मे थाना मुजरिया क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सब्दलपुर के पास सड़क किनारे ट्रक ड्राइवर को छोड़कर ट्रक को मय माल के ले गये। जिसके सम्बन्ध मे ट्रक चालक सरबजीत उपरोक्त की तहरीर के आधार पर थाना मुजरिया पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बदायूँ डा0 बृजेश कुमार सिंह के द्वारा उक्त घटना को गंभीरता के दृष्टिगत रखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के0के0 सरोज के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सहसवान के नेतृत्व में थाना मुजरिया पुलिस द्वारा इलैक्ट्रानिक साक्ष्य व धरातलीय सूचनाओं के आधार पर आज 10. अप्रैल को घटना से संबंधित प्रकाश में आये 01 अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया पकड़े गए अभियुक्त अखिल गुप्ता पुत्र प्रभात कुमार गुप्ता निवासी घास मंडी निकट कुंवर जसवंत राय स्कूल थाना कोतवाली जनपद लखीमपुर खीरी द्वारा पूछने पर बताया कि 22/23.जनवरी को अभियक्त मनीष गुप्ता व रितिक गुप्ता की फैक्ट्री मे 1500 टिन डायमंड रिफाइंड आयल के जो चोरी कर उतारे गये थे उसमे से 750 टिन मेरे द्वारा सस्ते दामों पर खरीदकर शिव कुमार तौलानी को 1537000 में बेचा था तथा बाकी के टिन अभियुक्त दीपू गुप्ता उर्फ जयन्त गुप्ता जो मेरे रिस्तेदार भी है ने मनीष गुप्ता व रितिक गुप्ता के साथ मिलकर अन्य व्यापारियो को फुटकर मे बेच दिये है। जिसके बारे मे मुझे जानकारी नही है मेरी गाड़ी से पुलिस द्वारा जो 1500000 रूपये बरामद किये गये है यह वही रूपये है जो चोरी का माल शिव कुमार तौलानी को बेचने से मुझे प्राप्त हुये थे। जिन्हे मैने अपने पास सुरक्षित रख रखा था ताकि मै इनसे आगे व्यापार कर सकूं।
























