लखनऊ।सड़क हादसों पर मंडलायुक्त सख्त, पुराने हिट एंड रन मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

सड़क हादसों पर मंडलायुक्त सख्त, पुराने हिट एंड रन मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

ब्लैक स्पॉट की केस स्टडी तैयार कर दुर्घटनाओं के वास्तविक कारण तलाशने और स्थायी सुधार के दिए निर्देश

लखनऊ। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में शनिवार को आयुक्त सभागार में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें लखनऊ मंडल में सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट, हिट एंड रन मामलों, घायलों के कैशलेस उपचार और विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में सामने आया कि जनवरी से अगस्त 2026 तक मंडल में वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 10.4 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 12.2 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि मृतकों की संख्या में 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर और हरदोई में दुर्घटनाओं में कमी, जबकि लखनऊ और लखीमपुर खीरी में वृद्धि दर्ज हुई।

पुराने हिट एंड रन मामलों को प्राथमिकता से निपटाएं

मंडलायुक्त ने वर्ष 2025 तक लंबित हिट एंड रन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराई जाएं और पात्र मृतकों के आश्रितों तथा घायलों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाई जाए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 तक हिट एंड रन योजना के तहत 227 प्रकरण चिन्हित हुए, जिनमें 198 का निस्तारण किया जा चुका है और 25 प्रकरण अवशेष हैं। मंडलायुक्त ने शेष मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

ब्लैक स्पॉट की होगी विस्तृत केस स्टडी

तीन या उससे अधिक मौत वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने सभी संबंधित दुर्घटना स्थलों की विस्तृत केस स्टडी तैयार कराने को कहा। इसमें सड़क की स्थिति, वाहन की गति, चालक की लापरवाही, यातायात व्यवस्था, दृश्यता और प्रकाश व्यवस्था सहित दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पहचान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि केवल ब्लैक स्पॉट चिन्हित करना पर्याप्त नहीं है। दुर्घटना के विशिष्ट कारणों की पहचान कर स्थायी सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जनवरी से अगस्त 2026 तक तीन या अधिक मृत्यु वाली 26 दुर्घटनाओं की जांच पूरी की जा चुकी है।

मंडलायुक्त ने पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एलडीए सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर स्वीकृत और प्रस्तावित सुधार कार्य प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश दिए।

गोल्डन ऑवर में मिले कैशलेस उपचार

सड़क हादसों में घायलों को तत्काल कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य, परिवहन और पुलिस विभाग को बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों में सूचीबद्ध अस्पतालों की मैपिंग प्रभावी बनाई जाए, ताकि घायल को गोल्डन ऑवर में निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार मिल सके।

स्कूल वाहनों की सुरक्षा की होगी नियमित जांच

विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा को लेकर मंडलायुक्त ने प्रत्येक विद्यालय के वाहनों की सत्यापित सूची तैयार कराने के निर्देश दिए। इसमें विद्यालय के स्वामित्व वाले और अनुबंध पर संचालित वाहनों का अलग-अलग विवरण, फिटनेस और परमिट की स्थिति दर्ज की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2026 तक मंडल में 10,395 विद्यालयी वाहन दर्ज हैं। इनमें 7,088 विद्यालयों के नाम पंजीकृत और 3,307 अनुबंध पर संचालित वाहन हैं। इस दौरान 575 वाहनों की फिटनेस और 525 वाहनों के परमिट समाप्त पाए गए। मंडलायुक्त ने ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों को प्रभावी रूप से सक्रिय करने तथा उनकी बैठकें नियमित कराने को कहा। समितियों द्वारा वाहनों के दस्तावेजों की जांच, स्टॉपेज का निर्धारण, चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण और पुलिस सत्यापन जैसे कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी, डीसीपी यातायात, परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, एनएचएआई, स्वास्थ्य, नगर निगम समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने सभी विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए।

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