शाहजहांपुर।राममन्दिर में चोरी सोची समझी साजिश सरकार ने ट्रस्ट में शामिल किए अपने कारिंदे : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 

राममन्दिर में चोरी सोची समझी साजिश सरकार ने ट्रस्ट में शामिल किए अपने कारिंदे : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 

गविष्ठी गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान पहुंचे शंकराचार्य का कुंवर जयेश प्रसाद ने सपरिवार किया भव्य स्वागत

मुजीब खान

शाहजहांपुर : राममंदिर में चढ़ावा चोरी सोची समझी साजिश के तहत हुआ है जिसमें छोटे लोगो को चोर बनाकर जेल भेजकर बड़े चोरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है उपरोक्त बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शाहजहांपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही वह अपनी 81 दिवसीय गविष्ठी गौ रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के अंतर्गत शाहजहांपुर पहुंचे थे इस दौरान शंकराचार्य निगोही ,तिलहर जलालाबाद एवं शाहजहांपुर में पूर्व एमएलसी कुंवर जयेश प्रसाद के यहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए इस दौरान सबसे पहले कुंवर जयेश प्रसाद ने सपरिवार शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने देश और प्रदेश की सरकार को धर्म विरोधी और गौ विरोधी बताते हुए कहा कि यह लोग सनातन संस्कृति को बढ़ाने नहीं बल्कि उसको समाप्त करने एवं देश में गौ भक्षकों की संख्या बढ़ाने आए है क्योंकि इनकी सरकार से पूर्व हमारा देश गौ मांस निर्यात में 14 वें नंबर पर हुआ करता था आज ब्राजील के बाद हमारा दूसरा नंबर है करीब 60 हजार गौमाताओं को कत्लखानो में काटी जा रही है।

राममंदिर चोरी पर शर्कराचार्य ने सरकार पर खुला आरोप लगाते हुए कहा कि राममंदिर चढ़ावा चोरी सोची समझी साजिश है क्योंकि सरकार ने अपने खास खास लोगों को ट्रस्ट शामिल किया जिन्होंने इस घटना क्रम को अंजाम दिया। राममंदिर ट्रस्ट में जानबूझकर ऐसे लोगों को शामिल किया गया जो आसानी से ऐसे कुकृत्यो को अंजाम दे सकें आज उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है जिन लुटेरो ने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा भगवान राम उनके लिए आस्था नहीं बल्कि कुर्सी बचाने का रास्ता है। उन्होंने कहा कि आज नकली हिंदुओं की सरकार में धर्म संकट में आ चुका है यह कहते है हिंदू खतरे में है हम कहते है इनका रहते हिंदुत्व खतरे में क्योंकि इनसे बड़ा खतरा हिंदुत्व के लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता आज सारे कार्य इन नकली हिंदुओं द्वारा सनातनी संस्कृति को समाप्त करने के लिए किए जा रहे है। खुले आम गौ हत्याएं की जा रही है किसी प्रदेश के इनका मुख्य मंत्री गाय खाने की आयु निर्धारित करता है कोई घर में खाने की सलाह देता है तो कोई गाय खाना अपनी संस्कृति बताता है अब आप स्वयं समझदार हो कि इन्हें गौहत्या रोकने और गौ हत्या पर सख्त कानून बनाने के लिए लाए थे लेकिन इन्होंने गौहत्या को बढ़ावा दिया गौ हत्यारों से दोस्ती की इसका मतलब यह देश में गौ हत्या को बढ़ावा देकर देश गौ भक्षकों की संख्या बढ़ाना चाहते है।

एनकाउंटरों पर बोले लौट आया जर्नल डायर का शासन ब्राह्मण और मुस्लिम निशाने पर

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए एनकाउंटरों पर सवाल उठाते हुए उसे जहां संविधान विरोधी बताया वही एनकाउंटरों को लेकर जर्नल डायर के शासन के लौट आने की बात कही उन्होंने कहा कि यह कैसा कानून जिसने पुलिस को बेलगाम कर दिया जिसको चाहते है उसे लाकर गोली मार देते है। उन्होंने कहा कि खासकर यदि पकड़ा गया व्यक्ति ब्राह्मण हो या मुस्लिम तो उसे छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता क्योंकि इस सरकार में जितने ब्राह्मणों को एकाउंटर के नाम पर या अन्य प्रकार से हत्याएं की गई उतनी पिछले 70 वर्षों में नहीं हुई उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे अपराधी क्यों न हो लेकिन उसे भी अपना पक्ष रखने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन इनके द्वारा लाकर सीधे ठोकने की कार्यवाही करके संविधान की धज्जियां उड़ाने का कार्य किया जा रहा है। जब इस तरह कार्यवाहियों होती रहेंगी तो इनमें और अंग्रेजी शासन में क्या फर्क रह जायेगा इस लिए बीजेपी शासन नहीं जर्नल डायर का शासन चल रहा है। सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों को भी गोली का निशाना बनाया जा रहा है।

मुगलों ने 700 सालों में जितने मंदिर नहीं तोड़े उतने इन्होंने चंद सालों में तोड़ दिए

शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुत्व गौ रक्षा सनातन रक्षा के नाम पर जो सरकार आई उसने सबसे अधिक नुकसान सनातन संस्कृति को पहुंचाने का कार्य किया उन्होंने कहा कि मुगलो ने अपने 700 साल के कार्य काल में जितने मंदिरों को नुकसान नहीं पहुंचाया उससे कही अधिक नुकसान इन नकली हिंदुओं की सरकार में मन्दिरो को तोड़कर उनका अस्तित्व समाप्त करके पहुंचाया गया है उन्होंने कहा कि जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण वह खुद है काशी में नालों से दर्जनों शिवलिंग निकाल कर उन्होंने खुद लंका थाने पहुंचवाए सनातनी संस्कृति कहे जाने वाली धरोहरों को समाप्त करने का काम करने वाली सरकार ने खुद के पाले हुए चंद व्यापारियों को आर्थिक लाभ अर्जित करने को उन जगहों को सौंपने का कार्य किया है इस लिए हिंदुओं अब सावधान हो जाओ इन नकली हिंदुओं से इनकी वापसी करो और सनातन की रक्षा करो।

मुस्लिमों ने शंकराचार्य को गौ को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने को सौंपा समर्थनपत्र

शाहजहांपुर आगमन पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज का शहर के मुस्लिमों ने उन्हें सच्चा संत बताते हुए उनका स्वागत किया और उनके द्वारा चलाई जा रही गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मुहिम में उनके साथ चलने साथ खड़े होने को अपना समर्थन दिया कार्यक्रम के दौरान शहर की ईदगाह कमेटी जामा मस्जिद कमेटी एवं अन्य दरगाहों की कमेटियों के सैकड़ों मुस्लिमों ने शंकराचार्य से भेट करके उन्हें समर्थन पत्र सौंपा इस दौरान ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष कासिम रज़ा ने शंकराचार्य के सम्मुख अपनी बात रखते हुए कहा कि आज आपका शहीदो की इस धरती पर मुस्लिम समुदाय स्वागत करता है आप एक अच्छे और सच्चे संत आपकी गौ रक्षा मुहिम काबिले तारीफ है इस लिए आपकी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिये गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और सख्त कानून बनाए जाने की मांग को पूरा करने मे आपका समर्थन करते है हम लोग आपके साथ खड़े है शंकराचार्य। ने भी सभी मुस्लिमों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज गौ माता को राष्ट्रमाता दर्जा दिलाए जाने मे आपके समर्थन से हमारा हौसला बढ़ गया है ।

एनसीआरटी पाठ्यक्रम में वेदों को शामिल करना वेदों का अपमान : शंकराचार्य

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने सरकार द्वारा सनातनी वेदों को एनसीआरटी पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि हिंदुत्व की रक्षा का ढोंग करने वाली सरकार अब वेदों का भी अपमान करने पर उतर आई है क्योंकि जिस एनसीआरटी के पाठ्यक्रम में वेदों को शामिल किया जा रहा उन्हें सभी विद्यालयों में पढ़ाया जाएगा जिसमें कांवेंट सरकारी सभी प्रकार के स्कूल शामिल होंगे जिनमें चमड़े के जूते और चमड़े की बेल्टें पहनना जरूरी होता है अब आप ही बताए कि चमड़े से बनी इन वस्तुओं के पहनने के बाद क्या वेद पढ़ने से वेदों का अपमान नहीं होगा यदि यह सरकार इतनी ही सनातनी बनती है तो पहले स्कूलों में वेद पढ़ने का वातावरण बनाए इन सभी वस्तुओं को प्रतिबंधित करे फिर वेदों को पाठ्यक्रम शामिल करे यदि सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो फिर वेदों का अपमान करने का सरकार का कोई अधिकार नहीं बनता इसका हम जमकर विरोध करेंगे संत समाज वेदों अपमान नहीं होने देगा।

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