
70वें जन्मदिन पर मायावती का ऐलान—बीएसपी अकेले लड़ेगी सभी चुनाव, मैं न झुकूंगी न डरूंगी
संजीव सिंह ।बलिया/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
मायावती ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं के नाम और स्वरूप में थोड़ा बदलाव कर उन्हें लागू किया जा रहा है, लेकिन योजनाओं का वास्तविक लाभ हर पात्र व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान संतों और महापुरुषों के नाम पर अनेक स्मारक व स्थल बनाए गए, जिनकी आज विरोधी पार्टियां नकल कर रही हैं। मायावती ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति “मुंह में राम, बगल में छुरी” जैसी है।
बसपा सुप्रीमो ने दो टूक कहा, “मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी दलों द्वारा किए जा रहे षड्यंत्रों का लेखा-जोखा वे अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट के संदर्भ में सामने रखेंगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क और सचेत रहने की अपील की।
कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि ये दोनों दल बीएसपी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं, इसलिए बीएसपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव सहित भविष्य के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ेगी और किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रमुख मायावती का 70वां जन्मदिवस देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।
ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मायावती बोलीं—बीएसपी सरकार ही दे सकती है सुरक्षा
लखनऊ में ब्राह्मण समाज के विधायकों की बैठक के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैठक में ब्राह्मण समाज की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
मायावती ने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही किसी के “बाटी-चोखा” के लालच में पड़ना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज पर किसी भी प्रकार का अत्याचार न हो, इसके लिए प्रदेश में बीएसपी की सरकार का होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की नीतियां सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली हैं और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा व सम्मान पार्टी की प्राथमिकता रही है। मायावती के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
























