
पठखौली में गूंजी रामायण की चौपाइयां, हवन से सुवासित हुआ गांव,राम काज में हाथ बंटाने की लगी होड़
आजमगढ़। शहर से सटे पठखौली गांव के श्री ओंकारेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के विश्राम के दूसरे दिन बुधवार को रामायण और सुंदरकांड की चौपाइयों के साथ हवन किया गया, तो पूरा गांव और आसपास के लोगों में भागीदारी की होड़ सी मची रही। सुबह नौ बजे से दोपहर बाद दो बजे तक चले हवन में यज्ञाचार्य पंडित अरविंद के नेतृत्व में मुख्य यजमान विष्णु सहाय पाठक ने पत्नी आभा पाठक के साथ भागीदारी की, तो रिपुंजय वर्मा, सोनम, अजय मिश्रा, कुसुम मिश्रा, अनुराग पाठक, बागेश्वर पांडेय, देवेंद्र पाठक, प्रमोद कुमार पाठक, राजेश पाठक, हरिद्वार उपाध्याय, हेमंत पाठक, विनीत पाठक, श्यामदत्त पाठक आदि ने भी रामायण और सुंदरकांड की चौपाइयों के साथ हवन कुंड में आहुति दी। इस दौरान रामायण और सुंदकांड की चौपाइयां गूंज रही थीं तो वहीं हवन कुंड के धुएं से पूरा गांव सुवासित हो रहा था।
उसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें पठखौली के अलावा हाफिजपुर, बलरामपुर, शेखपुरा, आहोपट्टी, हर्रा की चुंगी, लक्षिरामपुर, अहियायी आदि कई गांवों के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की तैयारी सुबह शुरू हुई तो राम काज में हाथ बंटाने की होड़ सी लग गई। प्रसाद तो भोजन कारीगर बना रहे थे, लेकिन गांव के लोगों में कोई सब्जी काटने तो कोई आटा गूथने के लिए पहुंच गया था। घरों में रहने वाली महिलाओं ने बाहर निकलना तो उचित नहीं समझा, लेकिन घर के अंदर से ही पूड़ी बेलने में राम की कृपा प्राप्त करने में पीछे नहीं रहीं। भंडारे के दौरान मौजूद कथावाचक सर्वेश जी महराज ने सबके मंगल की कामना के साथ भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।























