Sunday, February 15

लखनऊ।अटल आवासीय स्कूलों में रोजाना पढ़ेंगे अखबार बच्चे 

अटल आवासीय स्कूलों में रोजाना पढ़ेंगे अखबार बच्चे 

लखनऊ। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब अटल आवासीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की आदत डाली जाएगी। इसके लिए सभी अटल आवासीय स्कूलों के पुस्तकालयों में प्रतिष्ठित और उच्च गुणवत्ता वाले हिंदी व अंग्रेजी समाचार पत्रों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

इस संबंध में बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने सभी अटल आवासीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में समाचार पत्रों को विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, भाषा कौशल और आलोचनात्मक सोच को मजबूत करना आवश्यक है। इसके लिए समाचार पत्रों का नियमित पठन अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस विषय में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा 23 दिसंबर को पहले ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

प्रार्थना के बाद 10 मिनट अखबार पढ़ा जाएगा 

निर्देशों के अनुसार, प्रार्थना सभा के बाद कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू होने से पहले प्रतिदिन 10 मिनट समाचार पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान, अर्थव्यवस्था, समसामयिक घटनाओं, नवीन विकास और खेल से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन पांच नए और कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर लिखे जाएंगे। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर ‘आज का सुविचार’ अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा।

कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक दिन संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन या समूह चर्चा आयोजित की जाएगी। वहीं, कनिष्ठ वर्ग के छात्रों के लिए विज्ञान, पर्यावरण और खेल जैसे विषयों पर न्यूज क्लिपिंग की स्क्रैपबुक तैयार करवाई जाएगी।

अखबार आधारित प्रतियोगिताएं भी होंगी

विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से समाचार पत्रों में प्रकाशित सुडोकू, शब्द पहेली और ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी पर समय-समय पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों को अखबारों की संरचना और प्रस्तुति से प्रेरणा लेकर अपने विद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका या समाचार पत्र तैयार करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा, जिसका संपादन विद्यार्थियों की टीम स्वयं करेगी।

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