पूर्व आएएस अधिकारी सहित कई आबकारी अफसरों की 100 करोड़ की संपत्तियां जब्त
-छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान के शराब घोटाले का मामला
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी का कहना है कि राज्य में 2019 से 2023 के बीच नेताओं और वरिष्ठ अफसरों ने मिलकर एक संगठित सिंडिकेट बनाया, जिसने आबकारी विभाग को पूरी तरह अपने कब्जे में लेकर करीब 2,800 करोड़ रुपये का घोटाला किया।
ईडी ने इस मामले में पूर्व आबकारी आयुक्त और आईएएस अधिकारी निरंजन दास, 30 अन्य आबकारी अधिकारियों और तीन बड़ी डिस्टिलरी कंपनियों की 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। इनमें से 38.21 करोड़ रुपये की संपत्ति अफसरों की है, जबकि 68.16 करोड़ रुपये की संपत्ति डिस्टिलरी कंपनियों से जुड़ी बताई गई है।
कुर्क की गई संपत्तियों में लग्जरी बंगले, महंगे फ्लैट, दुकानें, कृषि भूमि के साथ-साथ फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक खातों में जमा रकम, बीमा पॉलिसियां, शेयर और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई दिखाती है कि जिन अफसरों पर सरकारी राजस्व की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही घोटाले में गहराई से शामिल थे।
ईडी के मुताबिक, निरंजन दास और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के तत्कालीन एमडी अरुणपति त्रिपाठी ने समानांतर आबकारी व्यवस्था चलाई। इसके जरिए सरकारी नियंत्रण को दरकिनार कर अवैध कमाई की गई। एजेंसी ने 26 दिसंबर को दाखिल ताजा चार्जशीट में बताया कि इस घोटाले से करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध आय हुई।
ईडी ने अब तक 81 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और रायपुर के मेयर के भाई अनवर ढेबर भी शामिल हैं।
ईडी का दावा है कि आबकारी अधिकारियों को हर शराब केस पर 140 रुपये की तय कमीशन दी जाती थी। अकेले निरंजन दास ने हर महीने 50 लाख रुपये की रिश्वत लेकर 18 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति जुटाई।
जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कमाई चार तरीकों से की गई अवैध कमीशन, बिना हिसाब की शराब बिक्री, कार्टेल कमीशन और विदेशी शराब निर्माताओं से जबरन कमीशन वसूलना। ईडी ने कहा कि यह पूरा घोटाला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गहरी साजिश का नतीजा था।
























