अहिल्याबाई होल्कर श्री शताब्दी स्मृति अभियान के तहत किया गया महिला सम्मेलन।
कर्तव्य निष्ट महिला सुमन लता मिश्रा को किया गया सम्मानित।
शरद बिंद
भदोही(अभोली)। अभोली ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में अहिल्याबाई त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के तहत महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रियंका बिंद रही उन्होंने कहा कि श्रीमती होलकर राजवंश घराने की महारानी थीं और अपने कुशल शासन, परोपकार और धार्मिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के चौंडी गांव में हुआ था।कई वर्षों तक मालवा क्षेत्र की शासक रहते अहिल्याबाई ने कई कार्य किए अपने राज्य को मजबूत करने, व्यवस्था स्थापित करने और प्रजा की भलाई के लिए कई कार्य किए। उन्होंने अपने राज्य में एक मजबूत प्रशासन स्थापित किया, जिसमें न्याय, सुरक्षा और आर्थिक विकास शामिल थे।
अहिल्याबाई एक हिंदू थीं और उन्होंने कई धार्मिक कार्यों में योगदान दिया। उन्होंने मंदिरों का निर्माण करवाया, तीर्थ स्थलों को सुधारा और गरीबों की मदद की। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण करवाया और सोमनाथ मंदिर का भी निर्माण करवाया।
अहिल्याबाई परोपकारी थीं और उन्होंने समाज के कमजोर और गरीब लोगों की मदद की। उन्होंने धर्मशालाएँ बनवाईं, घाटों का निर्माण करवाया और कुओं का निर्माण करवाया।
अहिल्याबाई ने महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया। उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई को प्रोत्साहित किया और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कदम उठाए।
अहिल्याबाई ने अपने राज्य को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए युद्ध भी किए। उन्होंने सेनाओं का नेतृत्व किया और अपने राज्य की रक्षा की। अहिल्याबाई होलकर को एक महान शासिका, परोपकारी और धार्मिक व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने शासनकाल में अपने राज्य में व्यवस्था, न्याय और समृद्धि स्थापित की। उनके कार्यों ने महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज के कल्याण के लिए प्रेरणा दी। इस दौरान आंगनवाड़ी कार्यकत्री सेक्टर लीडर सुमन लता मिश्रा को ब्लॉक प्रमुख में माल पहना कर व अंग वस्त्रम भेंट कर उनका सम्मान किया।
इस मौके पर संतोष पांडे पूर्व अध्यक्ष, मंडल प्रभारी लोलारख सिंह ,मनोज शुक्ला, अशोक कुमार सिंह मंडल अध्यक्ष , फूलचंद पंकज ,विनोद कुमार सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
























