
पकड़ा गया मुख्यमंत्री का व्यवस्था अधिकारी बनकर अधिकारियों को धमकाने वाला नटवरलाल राहुल भारतीय
बोला पैसा पैदा नहीं कर पाया लेकिन अधिकारियों से करवा चुका हूं कई बड़े काम
मुजीब खान
शाहजहांपुर / पुलिस ने एक ऐसे साथी नटवरलाल को गिरफ्तार किया है। जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का व्यवस्था अधिकारी बनकर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को फोन करके आदेश देता था। गिरफ्तार किया गया आरोपी अब तक एसपी और डीएम को फोन करके कई काम करवा चुका था। हाल ही में उसने शाहजहांपुर एसपी को मुख्यमंत्री का व्यवस्था अधिकारी बताकर के आरोपी को छोड़ने का आदेश दिया था। शक होने पर पुलिस ने फर्रुखाबाद जिले के राहुल भारतीय नाम के यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए नटवरलाल को जेल भेज दिया गया है।
दरअसल गिरफ्तार किए गए नटवरलाल ने 27 अप्रैल 2025 को पुलिस अधीक्षक के सीयूजी नंबर पर फोन करके खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का व्यवस्थापक अधिकारी बताया और एक आरोपी को तत्काल छोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद फोन करने वाले शख्स पर एसपी को शक हो गया। इसके बाद जब उन्होंने फोन नंबर के आधार पर मामले की जांच कराई तो सर्विलास के जरिए पुलिस ने राहुल भारतीय नाम के नटवरलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार किया गया नटवरलाल एक यूट्यूबर पर है। उसका कहना है कि मीडिया में रहते हुए उसने अधिकारियों से बातचीत करने का तरीका सीख लिया था। जिसके बाद उसने कई बार अलग-अलग जिलों के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को फोन करके उनसे काम करवाएं। और इसके लिए पीड़ितों से पैसा वसूले । पुलिस ने गिरफ्तार किए गए नटवरलाल के पास से मनोज मिश्रा नाम के विजिटिंग कार्ड और प्रेस कार्ड बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपों के मोबाइल नंबर के ट्रूकॉलर पर भी मुख्यमंत्री व्यवस्था अधिकारी लिखकर आता था। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार किए गए नटवरलाल को जेल भेज दिया है।
कई अधिकारियों को धमका कर करवा चुका है काम
बोला पैसा तो पैदा नहीं कर पाया लेकिन अधिकारियों से करवा चुका हूं कई बड़े काम पुलिस कर्मियों को करवा चुका हूं लाइन हाजिर अधिकारियों को धमका कर कई कब्जों को छुड़वा चुका हूं इसके अलावा वह एक चैनल में पत्रकार भी है उसने बताया कि उसका यूट्यूब चैनल भी ही राहुल भारतीय के नाम से चल रहा है उसने बताया कि जब वह अपने आप को मुख्यमंत्री का व्यवस्था अधिकारी बता कर अधिकारियों को फोन करता था तो अधिकारी एक बार कांप जाते थे जिससे उसके बताए काम आसानी से हो जाते थे। लेकिन पुलिस अधिक्षक राजेश द्विवेदी को फोन करना महंगा पड़ गया और पकड़ा गया।
























