Sunday, February 15

बरेली।फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन को पुलिस लाइन के खंडहर में रोती मिली मासूम नशेड़ी ने फेक दिया था

फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन को पुलिस लाइन के खंडहर में रोती मिली मासूम नशेड़ी ने फेक दिया था

मां ने बताया कि बच्ची के लिए दूध लेने जाते समय स्टेशन पर एक नशेड़ी को सौंप गई थी बच्ची

मुजीब खान

बरेली / बीती शाम बरेली निवासी फिल्म अभिनेत्री की बड़ी बहन खुशबू पाटनी जो सेवानिवृत मेजर है जा रही थी तभी पुलिस लाइन के खंडहर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनकर रुक गई और खंडहर में जाकर देखा तो एक बच्ची खंडहर में पड़ी रो रही है जिसे तत्काल लेकर वह थाने पहुंची और पुलिस को घटनाक्रम बताया हरकत में आई पुलिस ने जब उसकी मां की तलाश शुरू की तो एक महिला अपनी बच्ची की तलाश में भटकती मिली उस महिला ने बताया कि बच्ची के लिए दूध लेने जाते समय उसने बच्ची को रेलवे स्टेशन पर एक नशेड़ी के सुपुर्द कर दिया था जब बच्ची की मां देर तक नहीं पहुंची तो नशेड़ी ने बच्ची को ले जाकर एक खंडहर में छोड़ दिया और चला गया वह समय पर खुशबू पाटनी उस बच्ची के लिए देवदूत बनकर पहुंच गई जिससे बच्ची की जान बच सकी ।

बताया जा रहा है कि पुलिस को सौंपने के बाद भी खुशबू पाटनी और उनकी मां दिन भर बच्ची की देखरेख में लगी रही शाम को पुलिस ने जब बच्ची की मां को खोज लिया तो मां ने बताया कि उसने बच्ची के गायब होने की सूचना जीआरपी बरेली को दी लेकिन बरेली जीआरपी ने बच्ची को ढूंढना तो दूर उसकी बात तक नहीं सुनीं इसमें जीआरपी की भूमिका बहुत ही खराब रही जानकारी के अनुसार बिहार के मधुबनी जिला निवासी गुफरान नाम की महिला की शादी बदायूं के बिनावर में अहिरवारा में हुई है। गुफरान रविवार सुबह घर से आठ माह की बच्ची इनायत के साथ ट्रेन से बरेली आई थीं। सुबह सात बजे करीब गुफरान जंक्शन पर उतरीं। यहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर उन्हें अपने मायके बिहार जाना था। इस दौरान बच्ची को भूख लगी तो गुफरान ने उसे जंक्शन पर बैठे एक नशेड़ी युवक को थमा दिया और थोड़ी देर में आने की बात कहकर चली गईं। बताते हैं कि करीब आधा घंटे तक नशेड़ी बच्ची को लेकर बैठा रहा। फिर उसकी मां को न आता देखकर बच्ची लेकर रेलवे लाइन किनारे चला गया। वह बच्ची को चौपुला के पास पुरानी पुलिस लाइन के खंडहर पड़े क्वार्टर में छोड़कर चला गया। बरेली पुलिस से रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी (अभिनेत्री दिशा पाटनी के पिता) का आवास पुरानी पुलिस लाइन की दीवार से सटा है। रविवार सुबह उनकी पत्नी पदमा पाटनी घर की सफाई कर रही थीं। उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो स्वीमिंग से लौटी बेटी खुशबू पाटनी को बताया। सेना में मेजर के पद से वीआरएस लेकर करीब साल भर से माता पिता के साथ रह रहीं खुशबू तुरंत ही दीवार कूदकर उस पार गईं तो खंडहर में बच्ची रोती मिली। तब उन्होंने मां को भी बुला लिया। खुशबू ने कॉल करके पिता जगदीश पाटनी को फार्म हाउस से बुला लिया। उन्होंने सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव को सूचना दी और फिर बच्ची को चाइल्ड लाइन की देखरेख में जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया गया। खुशबू ने बाजार जाकर कुछ कपड़े खरीदे जो बच्ची को पहना दिए।

बच्ची के अस्पताल पहुंचने के बाद कोतवाली पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे तलाशने शुरू किए। इस दौरान खुशबू भी साथ में रहीं। उधर, बच्ची की मां गुफरान जंक्शन पर भटकती रही, लेकिन जीआरपी या आरपीएफ ने कोई सुध नहीं ली। थक हारकर महिला कोतवाली आई तो उसे बच्ची दिखाकर पहचान कराई गई। गुफरान अपनी बच्ची को पाकर खुशी से फूली न समाई।

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