Monday, February 16

बरेली।पुलिस की लापरवाही से बदनाम हुई बरेली की ” मुन्नी ” वारंट किसी का और जेल भेज दिया किसी और को

पुलिस की लापरवाही से बदनाम हुई बरेली की ” मुन्नी ” वारंट किसी का और जेल भेज दिया किसी और को

मुजीब खान

बरेली / एक फिल्म में गाना आया था ‘ मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग ‘ तेरे लिए आज बरेली में पुलिस की लापरवाही के कारण एक निर्दोष महिला को जेल में दो दिन काटना पड़े तो यह गाना अचानक याद आ गया क्योंकि पीड़ित महिला का नाम भी मुन्नी है जिसे पुलिस ने कन्फ्यूजन कहे या लापरवाही के चलते जेल भेज दिया जब वारंट उसी गांव की दूसरी मुन्नी का था अब गलती सुधारी जाए या नहीं फिलहाल मुन्नी तो पुलिस की लापरवाही के कारण जेल जाकर गांव में बदनाम हो ही गई। हालांकि इस मामले के खुलासे के बाद जहां कोर्ट की पुलिस को फटकार खानी पड़ी वही पुलिस के आलाधिकारियों के कोप भाजन का शिकार बनना पड़ सकता है अब सबसे बड़ी मुसीबत यह खड़ी हो गई की जिस वारंट में एक मुन्नी को जेल भेजा जा चुका है अब दूसरी मुन्नी को उसी वारंट पर जेल कैसे भेजा जाए ।

पुलिस की जबरदस्त लापरवाही का यह मामला सीबीगंज थाना क्षेत्र के बंडिया गांव का है। यहां परसाखेड़ा चौकी इंचार्ज सौरभ यादव की वजह से मुन्नी नाम की महिला को दो दिन जेल काटनी पड़ी, जबकि बिजली चोरी के पुराने मुकदमे में वारंट दूसरी मुन्नी का था। कोर्ट की फटकार के बाद महिला रिहा हुई तो चौकी प्रभारी ने उसे धमकाया कि किसी से कुछ कहा तो उसके हिस्ट्रीशीटर पति को जेल भेज दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में गांव की निवासी वृद्ध महिला मुन्नी पत्नी छोटे शाह के घर बिजली चोरी पकड़ी गई थी। सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। विधवा मुन्नी ने कोई पैरवी नहीं की तो कोर्ट से उसके गिरफ्तारी वारंट जारी हो गए जिस पर 13 अप्रैल को परसाखेड़ा चौकी प्रभारी सौरभ यादव पुलिस टीम के साथ दबिश देने बंडिया गांव पहुंचे पुलिस मुन्नी पत्नी छोटे शाह की जगह उसी गांव की निवासी मुन्नी पत्नी जानकी को पकड़ ले गई और जेल भेज दिया इस दौरान मुन्नी और उनके परिजन चीखकर खुद को निर्दोष बताते रहे पर पुलिस ने एक न सुनी महिला का पति जानकी जब पत्नी की जमानत कराने कोर्ट पहुंचे तो वकील के जरिये केस की जानकारी कराई पता लगा कि उनकी पत्नी मुन्नी के नाम कोई रिपोर्ट या वारंट ही नहीं है। तब जानकी सीबीगंज थाने आए और इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र गौतम को इस बारे में जानकारी दी पुलिस को जांच में पता लगा कि वारंट दूसरी मुन्नी का है। तब पुलिस के हाथ-पैर फूल गए और पता लगा कि ये सब परसाखेड़ा चौकी प्रभारी सौरभ यादव का किया धरा है। तब चौकी प्रभारी ने कोर्ट में अर्जी देकर स्थिति स्पष्ट की और मुन्नी जेल से रिहा होकर घर आ गई। लेकिन पुलिस की मुश्किले अभी कम नहीं हुई है क्योंकि एक ही वारंट पर दो लोगों को जेल कैसे भेजा जाए यह कानूनी पेच फंस गया है अब पुलिस विधिक परामर्श लेने में जुटी है ।

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