
इंद्रेश महाराज की सात दिवसीय कथा का विश्राम आज
राधा कृष्ण की भक्ति में डूबा रहा पूरा शहर
श्री राधा रानी प्रेम सेवा समिति के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम
बदायूं । विगत सात दिनों से बिसौली में श्री प्राचीन रामलीला मैदान पर वृंदावन से पधारे रसिक श्री इंद्रेश उपाध्याय जी की भागवत कथा का आज आखिरी दिन था। रोजाना की तरह आज भी पंडाल भक्तों से खचाखच भरा था।
श्री राधा रानी प्रेम सेवा समिति के तत्वावधान में वृंदावन से पधारे रसिक श्री इंद्रेश महाराज जी ने कृष्ण कथा का भाव पूर्ण सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कंस वध, पूतना वध ,पंडरी नाथ भगवान की कथा के साथ-साथ कृष्ण गोपी संवाद का भी भावपूर्ण वर्णन किया। श्री महाराज जी ने सुनाया की महारास कोई प्रेम लीला नहीं बल्कि आत्मा से परमात्मा के मिलन का अनुठा क्षण है। जरासंध से युद्ध मैदान में भगवान पीठ दिखाकर भाग लिए इसलिए उनका नाम रणछौड़ दास पड़ा यह बात भी श्री महाराज जी ने सभी श्रोताओं को बताई। गोपिया कृष्ण के साथ रास लीला करते हुए गीत गाती हैं ऐसे गीत श्री महाराज जी ने सभी श्रोताओं को सुना कर माहौल को कृष्ण रस से सराबोर कर भक्तो को राधा नाम का रसपान कराया। सभी भक्तों ने भी पूरे पंडाल में महाराज जी के गीतों पर कृष्ण गुणगान करते हुए नृत्य किया। भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव जी को ब्रज भेज कर उनके ज्ञान के अहंकार को प्रेम में परिवर्तन कर दिया। श्री इंद्रेश महाराज जी ने सुनाया की श्री उद्धव जी बृजवासियों के प्रेम में बसी भूत होकर कृष्ण राधा के प्रेम में विलाप करने लगे। कथा विश्राम के आखिरी दिन भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष मनोज यादव, मुकेश शंखधार, विपनेश मिश्रा ,कीर्ति, दुर्गेश वार्ष्णेय, अमित अग्रवाल, अजीत सिंह, पवन प्रदीप ,महेंद्र प्रताप सिंह, आलोक, गुड्डू पाराशरी, आकाश मिश्रा, लखन शर्मा, सरिता वासुदेव, प्रशांत सक्सेना, सभासद कृष्ण गुप्ता, देवकीनंदन, आनंद कुमार, मिथिलेश गुप्ता ,पूरन, विशाल यादव ,सुमित पाल ,कुंवर पाल ,पारुल अग्रवाल, मनीष गर्ग, अनमोल अग्रवाल,आदि भक्त उपस्थित रहे।
























