पुलिसकर्मियों की समस्याओं से लेकर अपराधियों पर शिकंजे तक—एसएसपी अंकिता शर्मा ने कसी पुलिस की कमान
सैनिक सम्मेलन के बाद मासिक अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था की समीक्षा, वांछितों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
बदायूं। जनपद की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में सैनिक सम्मेलन आयोजित कर पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके बाद एसएसपी ने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी कर जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की।
अपराध समीक्षा के दौरान एसएसपी ने थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण के साथ अपराधियों पर प्रभावी और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों पर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्या को संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ सुना जाए तथा शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समयबद्ध जांच और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
हिस्ट्रीशीटर और टॉप-10 अपराधी रडार पर
एसएसपी ने लुटेरों, चोरों और गंभीर अपराधों में शामिल पेशेवर अपराधियों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। हिस्ट्रीशीटर, ईनामिया और टॉप-10 अपराधियों के साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शस्त्रों के निर्माण, संग्रहण और बिक्री में लिप्त अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। गैंगस्टर एक्ट के मामलों में अपराधियों की अवैध संपत्ति चिन्हित कर धारा 14(1) के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई तेज करने को कहा गया।
महिला-बालिका सुरक्षा पर विशेष जोर
मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट पुलिसकर्मियों को गांवों व मोहल्लों में जन चौपाल लगाने तथा स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, आत्मरक्षा और हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बच्चों से संबंधित शिकायतों में विशेष गंभीरता बरतने तथा अपहृताओं की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी से लेकर सड़क सुरक्षा तक फोकस
ऑपरेशन त्रिनेत्र-2.0 के तहत प्रमुख चौराहों, बाजारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी और व्यवस्था की समीक्षा की गई। वहीं प्रमुख बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने तथा जाम की स्थिति रोकने के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, नशे में वाहन न चलाने तथा यातायात नियमों के पालन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ऑपरेशन दहन और कन्विक्शन की भी समीक्षा
बैठक में ऑपरेशन दृष्टि, ऑपरेशन कन्विक्शन, ऑपरेशन त्रिनेत्र और ऑपरेशन दहन की प्रगति की समीक्षा की गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत माल निस्तारण, लंबित विवेचनाओं को समय से पूरा करने, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर अधिक से अधिक दोषियों को सजा दिलाने पर जोर दिया गया। सम्मन और वारंट की समय से तामील कराने तथा गवाहों की न्यायालय में समयबद्ध गवाही सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल एक कानून नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। ZERO FATALITY का लक्ष्य तभी संभव है, जब जनता और पुलिस मिलकर इसे जनआंदोलन के रूप में अपनाएं।”
बैठक के अंत में एसएसपी ने जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
























