लखनऊ।बाइक के चालान से नाराज लाइन मैंनो ने काटी थाने की और चौकियों की बिजली चालान वापस होने पर जो जोड़ा गया तार

बाइक के चालान से नाराज लाइन मैंनो ने काटी थाने की और चौकियों की बिजली चालान वापस होने पर जो जोड़ा गया तार

प्रमोद श्रीवास्तव 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक संविदा विद्युत कर्मी की बाइक का चालान करना पुलिस को भारी पड़ गया बिना हेलमेट चालान से नाराज एक संविदा लाइन मैंन ने अपने साथियों को साथ लेकर एक थाने और दो पुलिस चौकियों की बिजली काट दी लाइन मैंन की इस कार्यवाही से थाने और चौकियां अंधेरे में डूब गई और सभी काम ठप हो जाने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया आनन फानन में विद्युत कर्मियों से वार्ता की और किया गया चालान वापस लिया गया तब विद्युत कर्मियों थाने और चौकियों की बिजली बहाल करी अब सवाल यह उठता है कि विद्युत कर्मियों को बाइक चलाते समय हेलमेट न लगाने की छूट है क्या यदि नहीं तो फिर पुलिस प्रशासन ने चालान कौन से कानून के तहत वापस लिया गया।

लेसा के समेसी उपकेंद्र पर तैनात संविदाकर्मी अमरेंद्र, दीपक और शत्रोघन लाल सोमवार शाम करीब छह बजे बाइक से नगराम – निगोहा मार्ग पर हाईटेंशन लाइन की पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। समेसी इंदिरा नहर पुल के पास चेकिंग कर रहे दरोगा अनुज भाटी ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे कर्मचारी का छह हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। चालान कटने से आक्रोशित बिजली कर्मचारियों ने तुरंत विभागीय बकाये की फाइलें खंगालना शुरू कर दिया।

बकाये का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने शाम लगभग 6:18 बजे नगराम थाने, हरदोइया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ की बिजली काट दी। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक नगराम थाने पर लगभग 3.5 लाख रुपए, जबकि हरदोइया चौकी और देवीखेड़ा बूथ पर करीब 1.5-1.5 लाख का बिजली बिल बकाया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग हरकत में आया। नगराम थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही चालान काटने वाले दरोगा अनुज भाटी को कड़ी फटकार लगाई गई है और काटा गया चालान वापस कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बिजली कटने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शाम को कटी बिजली रात साढ़े नौ बजे तक नहीं जोड़ी जा सकी। थाने और चौकियों पर अंधेरा छाया रहा और कार्य प्रभावित हुआ। बिजली काटने के बाद संविदा कर्मचारी ने मोबाइल फोन बंद कर लिया, जिससे संपर्क साधने में पुलिस और उच्च अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। समेसी उपकेंद्र के जेई आशीष कुमार ने दूसरे कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई।

कौन से कानून के तहत वापस लिया गया चालान वापस

बिजली विभाग और पुलिस विभाग के बीच विवाद समाप्त करके बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई लेकिन दोनों ओर से की गई कार्यवाही कई सवाल पीछे छोड़ गई पहला सवाल क्या विद्युत कर्मियों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य नहीं यदि अनिवार्य नहीं है तो पुलिस ने चालान क्यों काटा यदि अनिवार्य है चालान वापस कैसे लिया गया दूसरा सवाल की क्या थाने और चौकियों बकाया बिजली बिल जमा करने का नियम नहीं है यदि है तो थाने और चौकियों पर बकाया बिजली बिल पर कार्यवाही क्यों नहीं होती दोषी दोनों है लेकिन सरकारी विभाग होने के नाते आपसी सहमति से निस्तारण तो कर लिया गया लेकिन इन दोनों फैसलों में जो राजस्व का नुकसान हुआ उसकी भरपाई कौन करेगा ।

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