रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर मुरादाबाद कमिश्नर ने लगाई रोक अब नहीं चलेगा बुलडोजर

रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर मुरादाबाद कमिश्नर ने लगाई रोक अब नहीं चलेगा बुलडोजर

रामपुर : जनपद में मौजूद मौलाना जौहर यूनिवर्सिटी में मौजूद 40 बिल्डिंगों में 38 को अवैध बताकर जिला अधिकारी रामपुर द्वारा उन पर बुलडोजर चलाए जाने के आदेश के बाद से चल रहा विवाद कल शाम मंडलायुक्त मुरादाबाद के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर रोक लगाए जाने के आदेश के बाद से समाप्त हो गया क्योंकि डीएम के आदेश के बाद पहले छात्र संगठनों ने विरोध शुरू करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू किया इसके इस मामले में राजनीतिक पार्टियों का हस्तक्षेप शुरू जिससे स्थित खराब होने की संभावना बढ़ गई जिसको देखते हुए मंडलायुक्त ने दूरदर्शिता के परिचय देते इस मामले में रोक लगाने के आदेश जारी किए जिसको लेकर छात्र संगठनों ने कमिश्नर मुरादाबाद का धन्यवाद ज्ञापित किया और फैसले का स्वागत किया ।

आपको बता दें कि जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 बिग्डिंग्स अवैध पाई गई हैं। जांच के बाद रामपुर के जिला अधिकारी रामपुर ने अवैध बिल्डिंग्स को ध्वस्त करने का आदेश दिया था जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र जौहर यूनिवर्सिटी के बाहर छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जिस में दिन प्रतिदिन छात्रों की संख्या बढ़ने लगी इसके साथ ही समाजवादी पार्टी सहित कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों ने यूनिवर्सिटी बचाने को आर पार की लड़ने के ऐलान कर दिया और समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा रामपुर में डेरा डाल दिया गया लेकिन इस बीच मुरादाबाद के कमिश्नर ने आदेश जारी करते हुए रामपुर जिला अधिकारी के फैसले पर रोक लगा दी है।

बता दें कि जौहर यूनिवर्सिटी आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जब मुलायम सिंह सरकार में वो मंत्री थे तब उन्होंने 2006 में इसकी स्थापना की थी। जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना 18 सितंबर 2006 को हुई थी लेकिन इसकी स्थापना होने के साथ ही यूपी से समाजवादी पार्टी की सरकार चली गई। आजम खान मंत्री नहीं रहे तो ऐसे में इसका उद्घाटन भी नहीं हो सका। 6 साल बाद जब 2012 में यूपी में समाजवादी पार्टी की वापसी हुई, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने और आजम खान सबसे ताकतवर मंत्री बने तो 18 सितंबर 2012 को इसका उद्घाटन हुआ। यूनिवर्सिटी बनाने के समय रामपुर विकास प्राधिकरण का गठन नहीं हुआ था तब जिला पंचायत का कार्यक्षेत्र था। 2 बिल्डिंग बनाते समय जिला पंचायत से मंजूरी ली गई लेकिन उसके बाद 38 बिल्डिंग बनी उसमें मंजूरी नहीं ली गई। 40 में से 38 बिल्डिंग को ध्वस्त करने का था आदेश

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा था। रामपुर विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27(1) के तहत की गई। आदेश में विस्तृत सुनवाई और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद विश्वविद्यालय परिसर में बने 38 भवनों को अवैध निर्माण की श्रेणी में माना गया और ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए। बता दें कि इससे पहले साल 2021 में जौहर विश्वविद्यालय से 70 हेक्टेयर से अधिक जमीन सरकार ने वापस ले ली थी। विश्वविद्यालय की जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहित किए जाने के खिलाफ सांसद आजम खां की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा खारिज किये जाने के बाद यह यूनिवर्सिटी आजम खान के हाथ से छिन गई थी।

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