राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.53 लाख मामलों का निस्तारण, 47.45 करोड़ रुपये की धनराशि वसूली
जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह की उपस्थिति में हुआ आयोजन, सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के निस्तारण पर दिया जोर
लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 3 लाख 53 हजार 510 मामलों का सफल निस्तारण किया गया। विभिन्न न्यायालयों एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों के निस्तारण से कुल 47 करोड़ 45 लाख 12 हजार 392 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
पुराना उच्च न्यायालय स्थित मीडिएशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, समस्त न्यायिक अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, बैंकों के पदाधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक, नामिका अधिवक्ता एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने किया।
न्यायालयों में लंबित 29 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय लखनऊ के साथ मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत, कलेक्ट्रेट तथा समस्त तहसीलों में मामलों का निस्तारण किया गया।
न्यायालयों में लंबित कुल 29,031 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें विभिन्न न्यायालयों के 27,218 मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 285, वाणिज्यिक न्यायालय के 59, एनआई एक्ट के 1,110 तथा पारिवारिक न्यायालय के 259 मामले शामिल रहे। इन मामलों के निस्तारण से कुल 38,05,32,021 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी संख्या में निस्तारण
प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व के 1,02,085, मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संबंधित 2,01,158, नगर निगम लखनऊ के 18,892, बैंक रिकवरी, फाइनेंस कंपनियों एवं बीएसएनएल के 2,069, प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों के 56 मामलों सहित कुल 3,23,337 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों से 9,39,80,371 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
इस प्रकार न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों को मिलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत में करीब 3,53,510 मामलों का निस्तारण हुआ और कुल 47,45,12,392 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
हेल्थ कैंप और प्रदर्शनी भी लगी
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान वादकारियों की सुविधा के लिए न्यायालय परिसर में हेल्थ कैंप एवं आधार कैंप लगाया गया। आदर्श कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के तहत लगाए गए स्टॉल का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने किया।
























