फूलों के कचरे से करें कमाई।
बदायूँ/उझानी। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत महात्मा गांधी पालिका इंटर कालेज के कक्षा 10 वीं के छात्र यदुवीर और ध्रुव उपाध्याय ने अपने गाइड टीचर श्रवण कुमार थरेजा के मार्गदर्शन में सतत विकास के लिए विज्ञान और नवाचार विषय के उप विषय “मंदिर के फूलों के कचरे से कमाई” के बारे में नगर के समीपवर्ती ग्राम बाराचिर्रा व ग्राम तेहरा के शिव मंदिर के अलावा आसपास के तीन चार मंदिरों का भ्रमण कर मंदिरों के पुजारियों और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए फूल एवं पत्तियों की जानकारी ली। उन्होंने पूंछा मंदिर में चढ़े फूल एवं पत्तियों का क्या करते हैं। पुजारी ने बताया कि यह फूल-पत्र फेंक दिए जाते हैं। या कभी-कभी जल में प्रवाहित कर दिए जाते हैं।छात्रों ने पुजारी और श्रद्धालुओं को बताया कि इन फूलों को इधर-उधर न फेंकें। फूलों के सड़ने से वातावरण प्रदूषित हो जाता है। जो बाद में बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि फूलों को सुखाएं या फिर किसी गड्ढे में रखकर खाद के रूप में तैयार करें। फूल दोनों तरह से उपयोगी होंगे। सूखे फूलों से खाद, अगरबत्ती, साबुन आदि बनाकर धन भी अर्जित किया जा सकता है। वातावरण शुद्ध होगा। पुजारी और ग्रामीणों ने छात्रों की बातों को सुना और फूलों का हमेशा सद्पयोग करने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

