मेरठ।ऑनर किलिंग : अफ़ेयर के शक में भाई ने बहन को गोली मारी गोली हुई मौत , बोला इज्ज़त से बढ़कर कुछ नहीं

ऑनर किलिंग : अफ़ेयर के शक में भाई ने बहन को गोली मारी गोली हुई मौत , बोला इज्ज़त से बढ़कर कुछ नहीं

बोला बहन-बेटी बुरी नहीं लगती है जब इज्ज्त उतारने लगे तो आदमी हर पल मरता है लोगो के तानों से तंग हो गया था 

मुजीब खान

मेरठ : बीती शाम उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ की लोहिया नगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी में एक सगे भाई ने अपनी बहन को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और पुलिस आने का इंतजार करने लगा जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो बोला कि मेहनत करके इज्जत से कमाई करके घर चला रहे थे लेकिन बहन बेइज़्ज़ती करने पर उतारू थी काफी मना किया लेकिन नहीं मानी तो मजबूरन उसको मारना पड़ा क्योंकि इज्जत से बढ़कर उसके लिए कुछ नहीं है क्योंकि पिता की मौत के बाद चारों भाई मेहनत मजदूरी करके घर चला रहे थे और अपनी इकलौती बहन के लिए शादी का इंतजाम भी कर रहे थे लेकिन वह किसी आवारा युवक के अफेयर में फंस गई मना करने पर नहीं मानी तो मार दिया इसका उसे न कोई दुख है और न पछतावा।

मेरठ की लोहिया नगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी निवासी आरिश ने अपनी सगी इकलौती बहन को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया पुलिस कस्टडी में मौजूद आरिश से जब पूछा क्यों मार दिया भाई बहन को तो आरिश ने लटका चेहरा उठाया, बोझिल आंखों से देखा, सिर दीवार से हलका सा टकराया, बोला, क्या करता, आना जाना भी मुश्किल हो गया था। घर से निकलते ही लोग उसे देखकर इशारे करने लगते थे, एक दूसरे को कोहनी मारते थे। कुटिल मुस्कान के साथ खांसते तो चलना भी मुश्किल हो जाता था। रोज मरता था मैं भाई बहन-बेटी बुरी नहीं लगती है, जब इज्ज्त उतारने लगे तो आदमी हर पल आदमी मरता है। हवालात में बैठे आरिश कहता है, रात में वह कई बार जागा, देखा अफशां फोन पर बात कर रही है। वह जानता था, किससे उसकी बातचीत हो रही है। उसे सोने को कहने पर उसने फोन तो काटा, लेकिन फिर आंख खुली तो वह बात करती दिखाई दी। चारों भाई मजदूरी कर घर चला रहे थे, सिर पर बाप का साया नहीं था। इन हालातों को अफशां को बताने पर भी वह नहीं समझी। बातचीत के दौरान आरिश की आंखों में आंसू आए, सिसकते हुए बोला, अफशा को उसे नहीं मारना चाहिए थे, पर उसे भी समझना चाहिए था। सभी उसकी भलाई ही तो चाहते थे। रोते हुए आरिश बस इतना ही बोला.. सब कुछ बर्बाद हो गया भाई.. पता नहीं अब क्या होगा।

बेहद जिद्दी थी अफशां, साफ कह दिया था, प्रेमी से ही करेगी शादी

पड़ोसियों का कहना था कि अफशां बेहद जिद्दी थी। हालांकि वह घर से कम ही निकलती थी। परिवार के लोगों की कोई बात उसे पसंद नहीं आती थी तो वह खुलकर विरोध करती थी। वह न मां से डरती थी, न भाईयों से। स्वजन ने उसके मोबाइल से बातचीत करने का विरोध किया तो उसने साफ कह दिया, वह ऐसे ही बात करेगी।

सबको यकीन था कि वह प्रेमी से ही बात करती है। रोज-रोज के झगड़े के बाद जब स्वजन ने उसके रिश्ते की चर्चा की तो वह लगातार विरोध करती रही। जब उसे पता चला कि उसका रिश्ता कर दिया गया है तो उसने साफ कह दिया कि वह किसी भी सूरत में निकाह नहीं करेगी। वह हाजीपुर के अपने प्रेमी संग ही रहेगी। पिछले तीन दिन से इसी बात पर अफशां व स्वजन में विरोध चल रहा था। मां व भाईयों के समझाने पर भी वह अपनी जिद पर अड़ी रही।

बहन की मौत की खबर सुनते ही तमंचे सहित थाने पहुंच गया आरिश

अफ़्शा को गोली लगने के बाद जब परिजन उसे अस्पताल ले गए तो आरिश फर्श पर पड़े खून को साफ करने लगा लेकिन जैसे उसने बहन की मौत हो जाने की खबर सुनी तुरंत तमंचा लेकर थाने पहुंच गया घटना के समय मां ने बताया कि वह नमाज पढ़ रही थी और बाकी तीनों बेटे अंदर सो रहे थे जब गोली की आवाज सुनी तो सब दौड़े तो देखा कि आरिश के हाथ में तमंचा था। आरिश को भला बुरा कहकर वह अफशां को लेकर अस्पाल दौड़े। वहां उसकी मौत के बाद जब घर वापस आए तो आरिश पानी से कमरे के फर्श पर फैला खून साफ कर रहा था। उसे जब अफशां के मौत की जानकारी दी तो वह घर से निकला और थाने पहुंच गया। मां कासिफा ने कहा, उन्हें आरिश के इरादे की जानकारी नहीं थी। वह इस मामले में शामिल नहीं है। फिर भी पुलिस ने उसके दो बेटे, तो जेठ को पकड़ लिया है। बेटे चाचा की मच्छरदानी बनाने की फैक्ट्री में काम कर परिवार चला रहे थे। बेटों व जेठ का क्या कसूर है। पुलिस ने उन्हें क्यों पकड़ा । वह बार-बार रोते हुए अफशां व आरिश काे याद करते हुए बस इतना कह रही थी, उसका सब कुछ लूट गया। पहले शौहर चले गए, अब बेटी चली गई और जो बेटा घर चलाता था, वह सलाखों के पीछे पहुंच गया। जो बचे थे उसे पुलिस थाने ले गई। महिला एवं आसपास के लोग उसे समझाते व दिलासा देते रहे।

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