बलिया।शिव महापुराण कथा: एक लोटा जल ही कर देता है सारी परेशानियों का नाश — पंडित प्रदीप मिश्रा

शिव महापुराण कथा: एक लोटा जल ही कर देता है सारी परेशानियों का नाश — पंडित प्रदीप मिश्रा

 संजीव सिंह फुलवरिया (बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर), बलिया।बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर के फुलवरिया में आयोजित शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवत्व, आध्यात्मिक चेतना और भोलेनाथ में अटूट विश्वास के महत्व पर प्रभावशाली प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि संसार पर भरोसा करने वाले को धोखा मिलना निश्चित है, लेकिन जो भोलेनाथ पर भरोसा रखते हैं उन्हें कभी असफलता का सामना नहीं करना पड़ता।

कथा का शुभारम्भ

कथा का शुभारम्भ व्यासपीठ पर बैठने से पहले विघ्नहर्ता गणेश और भोलेनाथ की वैदिक रीति से पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और उनके अनुज धर्मेंद्र सिंह सहित परिजनों ने व्यासपीठ की पारंपरिक विधि से पूजा की।

एक लोटा जल का महत्व

पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि जब संसार में संकट, विपत्तियाँ और दुःख घेर लें और कोई रास्ता दिखाई न दे, तब शिवालय (शिव का मंदिर) उस समस्या को दूर करने का केन्द्र बनता है। उन्होंने कहा कि “एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल है” — अगर श्रद्धालु दिल से एक लोटा जल भोलेनाथ को अर्पित कर संकल्प करता है तो उसकी अरज़ी सीधे भोलेनाथ तक पहुंच जाती है और भोलेनाथ उसके सारे कष्ट, संकट दूर कर देते हैं। यह एक अटूट विश्वास है जो जीवन बदलने की शक्ति रखता है।

अधिक मास में दान का महत्त्व और 33 चीजें

कथा में पंडित मिश्र ने अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में दान के विशेष महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस मास में दिए जाने वाले दान की संख्या सामान्यतः 33 बतायी जाती है। उनका विवरण था: तीस चीजें एक माह के लिए होती हैं, 31वीं चीज उन दोषों के निवारण के लिए है जो बहन-बेटी के घर जाकर भोजन करने से लग सकते हैं; 32वीं चीज उन दोषों के लिए है जो अनजाने में किसी सूतक वाले घर का पानी पीने से लगते हैं; 33वीं चीज गुरु व ब्राह्मण के घर भोजन करने से लगे दोष को दूर करने के लिए होती है। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को दान के व्यवस्थित और पारंपरिक महत्व की जानकारी दी गई।

पार्थिव शिवलिंग पूजा का पुण्य

प्रदर्शक ने पार्थिव शिवलिंग की महत्ता भी बतायी और कहा कि शिवरात्रि के दिन जो भी पार्थिव पूजन करता है, उसे सहस्त्रों शिवलिंग पूजा के समकक्ष पुण्य मिलता है। इस बात से श्रद्धालुओं में श्रद्धा और उत्साह दोनों बढ़े।

समापन और आरती

कथा के समापन अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा और मृत्युंजय तिवारी बबलू सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का अंत आरती और सामुहिक भजन-कीर्तन के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *