लखनऊ : बुलडोजर से चैंबर गिराने के मामला हुआ उग्र आक्रोशित वकीलों ने बंद कराए डीएम सहित अन्य दफ्तर

 बुलडोजर से चैंबर गिराने के मामला हुआ उग्र आक्रोशित वकीलों ने बंद कराए डीएम सहित अन्य दफ्तर

17 मई को बुलडोजर से जमीदोज कर दिए गए थे जिला न्यायालय के दो सौ चैंबर पुलिस ने वकीलों पर किया था लाठीचार्ज

लखनऊ । बीती 17 मई को लखनऊ के पुराने हाई कोर्ट और स्वास्थ्य भवन चौराहे के बाहर बने वकीलों के चैंबरों पर सुबह नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की टीम भारी फोर्स ने मौके पर पहुंच कर बुलडोजर चलना शुरू कर दिया था और वकीलों के करीब दो सौ चैंबर जमीदोज कर दिए थे जिसको लेकर आक्रोशित वकीलों ने जब प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया तो पुलिस ने जमकर लाठी चार्ज किया था इससे वकील काफी नाराज हो गए और आज सुबह से वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए लखनऊ के डीएम कार्यालय सहित अन्य आफिस बंद करवा दिए इसके साथ वकीलों ने कामकाज का बॉयकॉट किया, प्रशासन और वकीलों के बीच तनातनी का माहौल बना रहा।

 लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र यादव उर्फ जीतू यादव ने कहा कि वकीलों के साथ गलत हो रहा है। लखनऊ में वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उनके चैंबर तोड़ना और विद्वान अधिवक्ताओं (वकीलों) के ऊपर लाठीचार्ज करना घोर आपत्तिजनक और घोर निंदनीय है। अधिवक्ता ही जब अन्याय का शिकार होंगे तो आम नागरिक को न्याय कैसे मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल हो रहे भ्रष्टाचारियों को छोड़कर सब कुछ अवैध ही है क्या अब उत्तर प्रदेश के वकील मिलकर भाजपाइयों और उनके अन-रजिस्टर्ड संगी-साथियों के घर, दुकानों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों के नक्शे निकलवाकर उनके वैध-अवैध होने का प्रमाण ढूंढेंगे और अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के लिए याचिका दाखिल करेंगे।

कार्यवाही हाई कोर्ट के आदेश पर की गई : प्रशासन

वही प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर की गई वकीलों ने आरोप लगाया कि जिन चैंबर को गिराने का आदेश दिया गया, उनके साथ ही दूसरे चैंबर पर भी बुलडोजर चलाया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए, सभी को पहले ही नोटिस दे दिया गया था. निशान लगा दिया गया था। कई बार नोटिस दे दिया गया था। सारी कार्रवाई नियमानुसार चल रही है। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है। उन्हीं चैंबर को गिराया जा रहा है, जिन्हें नोटिस दिया गया है।

कोर्ट के आदेश के पीछे प्रशासन ने किया खेल : बार संघ

प्रशासन के साथ बार संघ का आरोप अलग है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सिर्फ 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैंबर गिरा दिए। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखनऊ नगर निगम को जिला और सत्र न्यायालय परिसर के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था।

नगर निगम ने अदालत में जो रिपोर्ट दाखिल की थी, उसमें कहा गया था कि 72 लोगों ने वहां कब्जा कर रखा है लेकिन प्रशासन ने करीब 240 चैम्बरों पर बुलडोजर कार्यवाही करके गलत कदम उठाया है।

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