लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय: सुशील पाण्डेय कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने पार्टी की ओर से इसकी कड़ी निंदा की है और सरकार से तुरंत मुआवजा व जवाबदेही की मांग की है। कान्हजी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। सरकार को संवाद और संवेदनशीलता से समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि बल प्रयोग कर। किसी भी व्यवस्थित प्रक्रिया के बिना हिंसा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और यह नागरिकों के विश्वास को कमज़ोर करता है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता समाज लोकतंत्र और न्यायपालिका का अहम स्तम्भ है। वकील न केवल न्याय दिलाते हैं, बल्कि संविधान और कानून की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के चैम्बरों पर बुलडोजर चलाना केवल भवन नष्ट करना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता समाज के सम्मान पर सीधा आघात है। सपा नेता ने कहा कि लखनऊ में जिस प्रकार कार्रवाई की गई, वह पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार कर सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कान्हजी ने मांग की कि सरकार घटना की निष्पक्ष जांच कराए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और प्रभावितों को उचित मुआवजा दे। समाजवादी पार्टी की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि भविष्य में इस तरह की कार्यवाही से पहले संबंधित संगठनों से बातचीत की जाए और संवेदनशीलता के साथ विवादों का हल निकाला जाए ताकि लोकतंत्र की मर्यादा व कानून व्यवस्था बनी रहे।
























