
सेवाभावी व्यक्तित्व विनोद सिंह पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई।
संजीव सिंह,(बलिया नगरा)। प्रतिष्ठित जमींदार बाबू फतेह बहादुर सिंह के नाती एवं श्री रमेश बहादुर सिंह के सुपुत्र, श्री राजेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ विनोद सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन से नगरा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
स्वर्गीय विनोद सिंह इंटर कॉलेज में बड़े बाबू के पद से सेवानिवृत्त थे। अपने सेवा काल में वे कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और सरल स्वभाव के लिए विशेष रूप से जाने जाते रहे।
सेवानिवृत्ति के बाद समाज सेवा
सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपने पूज्य पिता के निधन के बाद पशुओं की चिकित्सा और ग्रामीण सेवा आरंभ की। यह सेवा वे जीवनभर निस्वार्थ भाव से करते रहे। बीमार पशुओं की सेवा, ग्रामीणों की मदद और समाज के प्रति संवेदनशीलता उनके जीवन की पहचान रही।
आज उनके पार्थिव शरीर का परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया, जहां वे पंचतत्व में विलीन हुए। अंतिम संस्कार में परिजनों, रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
दिवंगत के पीछे उनके पुत्र राज बहादुर सिंह उर्फ अंशू सिंह एवं टिंकू सिंह सहित परिवार शोकाकुल है। निधन की सूचना मिलते ही नगरा और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
समाज के लिए योगदान
विनोद सिंह ने हमेशा समाज के हित में कार्य किया। उनका व्यक्तित्व सेवाभावी, सरल और कर्मठ था। उनके योगदान और सेवाभाव को क्षेत्र हमेशा याद रखेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
























