कठिन परिश्रम और अनुशासन से ही बनते हैं चैंपियन : योगेश्वर दत्त
जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का एकलव्य स्टेडियम सोमवार को उस समय जोश, उत्साह और प्रेरणा से गूंज उठा, जब लंदन ओलंपिक 2012 के कांस्य पदक विजेता एवं देश के प्रतिष्ठित पहलवान ओलंपियन योगेश्वर दत्त खिलाड़ियों के बीच पहुंचे। उनके आगमन मात्र से ही विश्वविद्यालय परिसर में खेल भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो गया।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए योगेश्वर दत्त ने कहा कि सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और ईमानदारी का परिणाम होती है। उन्होंने युवाओं को माता-पिता और कोच का सम्मान करने की सीख देते हुए कहा कि संस्कारों के साथ किया गया अभ्यास ही खिलाड़ी को शिखर तक पहुंचाता है। उनके प्रेरक शब्दों ने खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प भर दिया।
ओलंपियन योगेश्वर दत्त का स्वागत विश्वविद्यालय के खेल सचिव प्रो. शेखर सिंह के नेतृत्व में पूरे गरिमामय वातावरण में किया गया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. राजेश सिंह (जिला मंत्री, क्रीड़ा भारती), बाबा मौर्य (जिला अध्यक्ष, क्रीड़ा भारती), डॉ. रामधारी, पूर्व कर्मचारी संघ के महामंत्री रमेश यादव, अलका सिंह, अशोक सोनकर, योग प्रशिक्षक जय सिंह सहित अनेक खेलप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण शिविर में शामिल महिला क्रिकेट टीम, महिला योग टीम और कुश्ती के दर्जनों खिलाड़ी मौजूद रहे। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने योगेश्वर दत्त को बुके, माल्यार्पण, अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों की आंखों में सपने और दिलों में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा साफ दिखाई दिया। योगेश्वर दत्त का यह प्रेरणादायी सान्निध्य युवा खिलाड़ियों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा
























