मनरेगा का नाम बदलने की साजिश के खिलाफ सपा का तीखा विरोध, ‘कान्हजी’ ने की केंद्रीय सरकार की निंदा
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह भाजपा की गरीब-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।’कान्हजी’ ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर महात्मा गांधी की विरासत और योजना की मूल भावना को मिटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, “मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ है, जो करोड़ों लोगों को न्यूनतम आजीविका का अधिकार देती है। सरकार लगातार इसके बजट में कटौती कर रही है और अब नाम बदलकर इसे कमजोर करने की साजिश रच रही है।”समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि केंद्र सरकार इस ‘तुगलकी फैसले’ को तुरंत रोके और मनरेगा के मूल नाम व ढांचे में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करे। ‘कान्हजी’ ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार बाज नहीं आई, तो सपा इस मुद्दे को जनता के द्वार ले जाएगी। उन्होंने कहा, “मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के भरोसे और सम्मान की गारंटी है। नाम बदलने की राजनीति से पेट नहीं भरता, गरीबों को उनका हक मिलना चाहिए। सपा इस अन्याय का पुरजोर विरोध जारी रखेगी।
























