
- 30 साल पहले मर चुके किसान के नाम बैंक ने कर दिया लोन लखीमपुर को आर्यावर्त बैंक का मामला
बिचौलिए ने मैनेजर से साठ गांठ करके मृतक के नाम करा दी 3 लाख की के वाई सी
लखीमपुर / जो बैंके जिंदा आदमी को एक लाख के लोन के चप्पले घिसवा देती है वही बैंक अगर किसी मार चुके आदमी के नाम लोन कर दे तो इस खेल को हरा आदमी समझ जाएगा क्योंकि मरा हुआ व्यक्ति बैंक तो जा नही सकता फिर अपने कर्तव्यों को निभाने वाली बैंक उसके नाम थोड़ा बहुत नही 3 लाख का लोन कैसे पास करके एक उसके खाते में कैसे भेज सकती है अब तो आप समझ हो गए होंगे की इसमें दलाल और मैनेजर की मिलीभगत होगी लोन की रकम का बंदर बाट हो चुका होगा ऐसा ही एक मामला लखीमपुर में देखने को मिला है जहां तीस वर्ष पूर्व मर चुके एक किसान के नाम 3 लाख रुपए का कृषि लोन कर दिया गया जब उसकी रिकवरी उसके घर पहुंची तो उसके परिजनों को जानकारी हुई ।
यह हैरान कर देने वाला मामला लखीमपुर में सामने आया है। यहां बैंक अधिकारियों की साठ गांठ के चलते 30 साल पहले मर चुके किसान का फर्जी तरीके से किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर तीन लाख रुपए का कर्ज निकाल लिया गया। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। जनपद के ग्राम रमिया बेहड़ निवासी किसान आफ आर्यावर्त बैंक शाखा सुजानपुर में तीन वर्ष पूर्व मृत व्यक्ति की कृषि योग्य भूमि पर मैनेजर और बिचौलियों की साठगांठ के चलते तीन लाख रुपए का केसीसी लोन निकाल लिया। पीड़ित ने लोन निकाल कर रूपयो का बंदरबाट करने का आरोप लगाया है। जिसकी तहरीर पुलिस को देकर न्याय की गुहार लगाई है। मझगई थाना क्षेत्र के भदु राइयां निवासी आफिसर पुत्र इब्राहिम का पुश्तैनी घर घोड़ाघाट (कुर्तैहा) थाना पढ़ुआ में था यहां इनके बाबा सैफू पुत्र प्यारे की तीन एकड़ कृषि योग्य भूमि थी। जिस पर आर्यावर्त बैंक के मैनेजर और प्राइवेट बैंक कर्मी रमेश उर्फ लालू पुत्र छोटकन्ने बिचौलिया जिबरान पुत्र सत्तार अली, छोटे, राजू पाल निवासी लालापुर की साठगांठ करके फर्जी कागजात तैयार करके तीन लाख रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड बना कर रुपए निकालने का आरोप लगाया है। सैफू के पौत्र अफसर के मुताबिक दशकों पहले घाघरा नदी कटान करते हुए इनका पुश्तैनी मकान और कृषि योग्य भूमि नदी में समा गया। जमीन और मकान घाघरा नदी में कट जाने के कारण बाबा सैफू परिजनो को लेकर रिश्तेदारी के गांव भदुराइयाँ में घर बनाकर रहने लगे। अफसर के बाबा को मृत्यु तीस वर्ष पूर्व भदुराइया में हो चुकी है। घाघरा नदी में तीन दशक पहले समाई कृषि योग्य भूमि इस वर्ष जब खेती किसानी के लायक हुई तो अफसर धौरहरा तहसील जमीन की दाखिल खारिज करवाने के कागजात निकलवाने पहुंचे तो देख कर आंखे खुली की खुली रह गई। इनकी जमीन गांटा संख्या 1392फ आर्यवर्त बैंक शाखा सुजानपुर के पक्ष में 24 मार्च 2023 बंधक दर्ज थी। जिसकी तहरीर पढ़ुआ थाना में देकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं तहरीर के बारे में पढ़ुआ थानाध्यक्ष निराला तिवारी ने बताया पीड़ित से तहरीर मिली है मामले की जांच की जा रही है।
























