रामलीला में परशुराम संवाद व चारों भाइयों का विवाह का मंचन ।
रामेश्वर प्रजापति
नगरा (बलिया)। सार्वजनिक रामलीला समिति के तत्वावधान में चल रहे रामलीला महोत्सव का छठवां दिन श्रद्धा और उल्लास से परिपूर्ण रहा। मुख्य सेवक के रूप में विधायक उमाशंकर सिंह के अनुज श्री रमेश सिंह (डायरेक्टर, छात्र शक्ति लिमिटेड), सेन्ट जॉन्स कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य जगन्नाथ पत्रा व डॉ. आर.एस. वर्मा एवं उनकी पुत्री डॉ. शिल्पी वर्मा ने संयुक्त रूप से भगवान श्रीराम का माल्यर्पण, तिलक एवं आरती कर मंचन की विधिवत शुरुआत की। समिति की ओर से सभी मुख्य अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंचन की शुरुआत परशुराम संवाद से हुई। लक्ष्मण जी और भगवान परशुराम के बीच हुआ यह संवाद दर्शकों के लिए रोमांचकारी और भावनात्मक रहा। कलाकारों ने परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के तेजस्वी वचनों को जीवंत कर उपस्थित जनसमूह से खूब वाहवाही लूटी।
इसके बाद जनकपुर नगरी में भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का अनुपम मंचन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल ध्वनियों के बीच जयमाल एवं फेरे की रस्मों का सजीव चित्रण हुआ। इसी क्रम में महाराज दशरथ के अन्य पुत्रों—लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति के पावन विवाह का भी भावपूर्ण मंचन किया गया।
पूरे पंडाल में इस अवसर पर “जय श्रीराम” और “सीता-राम” के उद्घोष गूंज उठे। श्रद्धालु दर्शकों ने पूरे भाव से इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया।
इस अवसर पर पूर्व प्रमुख निर्भय प्रकाश, राजेश गुप्ता, रामायण ठाकुर, संजय वर्मा, शशि प्रकाश कुशवाहा, आलोक शुक्ला, मनु मद्धेशिया, गणपति, रिंकू गुप्ता, गुड्डू सैनी, ओके जायसवाल, राजू चौहान, सुनील गुप्ता, हरेराम गुप्ता, केपी यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में रामलीला महोत्सव में और भी रोचक व भक्तिपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
























