आयुर्वेदिक औषधि पौधों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न।
रांची। जीवक आरोग्य महाविद्यालय, रांची के तत्वाधान में आयुर्वेदिक औषधि पौधों की कृषिकरण एवं प्रसंस्करण विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को औषधीय पौधों की पहचान, खेती, प्रसंस्करण तथा उनके व्यावहारिक उपयोग से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को आनंदमार्ग प्रचारक संघ के आचार्य गुणाकारानंद अवधूत एवं सुसारी कोनगाड़ी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन दिवस पर प्रशिक्षक अजय कलडुलना ने केंचुआ खाद बनाने की विधि विस्तारपूर्वक समझाते हुए बताया कि यह एक जैविक खाद है, जो खेती को उर्वरक बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। उन्होंने मशरूम की खेती की विधि और उसके विपणन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी दी। प्रथम दिवस के द्वितीय पाली में महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. ज्ञान प्रकाश ने गिलोय, पत्थरचट्टा, एलोवेरा, अजवाइन, तुलसी, हल्दी और अपराजिता जैसे औषधीय पौधों की पहचान एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे आसपास उगने वाले अधिकांश पौधे आयुर्वेदिक औषधियों के उपयोगी स्रोत हैं। रविवार को दूसरे दिन के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जड़ी-बूटियों के संरक्षण, उनसे काढ़ा, तेल और पाउडर बनाने की विधि, तथा उनके सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यदि वैज्ञानिक तरीके से औषधीय पौधों की खेती और प्रसंस्करण किया जाए तो यह किसानों और युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा साधन बन सकता है।
समापन अवसर पर डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि आयुर्वेदिक औषधियाँ न केवल रोगों से बचाव करती हैं, बल्कि जीवनशैली को संतुलित बनाए रखने में भी मदद करती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने आस-पास उपलब्ध औषधीय पौधों का संरक्षण और सुरक्षित उपयोग करें ताकि समाज को इसका लाभ मिल सके। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण में कुल 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और औषधीय पौधों की खेती, प्रसंस्करण तथा विपणन की बारीकियों को सीखा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्ञान प्रकाश एवं धन्यवाद ज्ञापन आचार्य गुणाकारानंद अवधूत ने कियाने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं लोगों को प्रमाण पत्र व प्रशस्ति पत्र भी दिया गया।
























