आजमगढ़।ज्योतिष सिद्धार्थ के अनुशार महाकुम्भ का रहस्य और मानव जीवन से सम्बन्ध।
ज्योतिष सिद्धार्थ के अनुशार महाकुम्भ का रहस्य और मानव जीवन से सम्बन्ध।
आजमगढ़।भगवान ब्रह्मा ने भारत वर्ष के चार तीर्थस्थल में अमृत रसायन डालने का आदेश देवगुरु बृहस्पति को दिया, साक्षी बने सूर्य और चन्द्र ,प्रश्न यह है कि ब्रह्मा ने गुरु को क्यों आदेश दिया और साक्षी सूर्य और चन्द्र ही क्यो बने । और इसका मानव जीवन से क्या सम्बन्ध है। मानव शरीर में इडा और पिंगला का सम्बन्ध चन्द्र और सूर्य से है। बायी ओर जो इडा नाड़ी है , वह पीत है,और चन्द्र स्वरुपिडी है। दक्षिण की ओर जो पिंगला है,यह सूर्य स्वरुपा पुंरुपा है - वामगा या इडा नाड़ी शुक्ल चन्द स्वरुपिडी , शक्ति रुपा हि सा देवी साक्षादमृतविग्रहा । दक्षे तु पिंगला नाम पुंरुपा सूर्य विग्रहा, रौद्रात्मिका महादेवी दाडिमीकेसरप्रभा ।। और यह अंडकोष से सम्बंधित और सुषुम्ना से संयुक्त दाहिने कन्धे के जोड के निकट से जाने वाली धनु के समान हृदय पर झुलती रहती ...









