
बरेली में महिला नेता हुक्का बार की आड़ में परोस रही थी नशा एसपी सिटी के छापे दो महिलाओं सहित 13 पकड़े।
बरेली / उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली की महिलाएं जहां सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने आपको सशक्त बनाने हुए नित नए आयाम रच रही और और कुछ महिलाए इस दौड़ में शामिल होकर समाज में अलग पहचान बनाने को आतुर दिख रही और कही हद तक सरकार की नारी स्वाबलंबन जैसी योजनाओं का असर होता भी दिख रहा हैं महिलाएं अपने आप को सुरक्षित भी महसूस करती दिख रही है लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते है वैसे ही कुछ महिलाएं इसका प्रयोग गलत कामों में करके अधिक धन अर्जित करने को समाज एवं कानून विरोधी कार्यों में रुचि दिखा रही जिसकी मिसालें आपके सामने है अभी कुछ दिन पहले एक महिला द्वारा जुआ कराने का अड्डा संचालित करते पकड़ा गया था इसी क्रम में पुलिस ने कल रात एक हुक्का बार में नशे का अड्डा भी पकड़ा सबसे बड़ी बात इसे भी एक महिला नेता और उसकी सहेली द्वारा संचालित किया जा रहा था एसपी सिटी की छापेमारी में अड्डा संचालन करने वाली 2 महिलाओं सहित 13 लोगों को पकड़ा गया अड्डे के बेसमेंट में नशे का भारी मात्रा में सामान भी बरामद हुआ है ।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसपी सिटी मानुष पारीक ने बीती शाम सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव और प्रेमनगर इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी के साथ छापेमारी कर हुक्का बार पर कार्रवाई की। हुक्का बार्स कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे थे। ग्राउंड फ्लोर पर कैफे, जबकि बेसमेंट में हुक्का बार चलाया जा रहा था, जहां युवाओं को बैठाकर फ्लेवर्ड हुक्के और शराब परोसी जाती थी। तेज म्यूजिक, छोटे केबिन्स और अंधेरे माहौल में नाबालिग लड़के-लड़कियों को भी प्रवेश दिया जा रहा था।
पुलिस जैसे ही छापा मारने पहुंची, कैफे में भगदड़ मच गई। लड़के-लड़कियां भागते नजर आए, लेकिन पुलिस ने ग्राहकों को नहीं पकड़ा। कार्रवाई कैफे के मालिकों और स्टाफ तक सीमित रही। मौके से 9 हुक्के जब्त किए गए और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जिन भी पांच कैफे पर छापेमारी हुई, उनमें से किसी के पास भी हुक्का बार संचालन का वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मौके से हुक्के, फ्लेवर, पाइप और अन्य सामान जब्त किया है। पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इन कैफे मालिकों ने हुक्का की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी थी। ग्राहक व्हाट्सएप या कॉल पर ऑर्डर देते थे और हुक्का उनके बताए स्थान पर पहुंचाया जाता था।
























